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जेवलिन खरीदने को नहीं थे पैसे...पर जिद नहीं छोड़ी, यूट्यूब से सीखा और गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

Thu, 19 Jul 2018 01:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 19 Jul 2018 01:57 PM IST
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Chandigarh Boy Neeraj Chopra Wins Gold Medal in France in Athletics Meet
नीरज चोपड़ा
जेवलिन खरीदने को पैसे नहीं थे, कहीं से ट्रेनिंग भी नहीं ले सकता था, लेकिन बहादुर बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले कॉमनवेल्थ में भी होनहार ने गोल्ड मेडल जीता था।
Chandigarh Boy Neeraj Chopra Wins Gold Medal in France in Athletics Meet
नीरज चोपड़ा
हम बात कर रहे हैं हरियाणा में पानीपत के गांव खंदरा के रहने वाले नीरज चोपड़ा की, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेल 2018 के अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए अब फ्रांस में भी सुनहरी सफलता हासिल की। इस 20 वर्षीय जेवलिन थ्रोअर नीरज ने सोटेविले एथलेटिक्स मीट में 85.17 मीटर की दूरी नापकर स्वर्ण पदक जीता। पदक की होड़ में 2012 लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता केशोर्न वालकॉट भी थे। मोलदोवा के एंड्रियन मारदारे ने (81.48 मी) रजत और लिथुआनिया के एडिस मातुसेवियस ने (79.31 मी) कांस्य पदक जीता।
Chandigarh Boy Neeraj Chopra Wins Gold Medal in France in Athletics Meet
नीरज चोपड़ा - फोटो : Getty
इससे पहले नीरज ने ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 21वें राष्ट्रमंडल खेलों के 10वें दिन भारत की झोली में एक स्वर्ण पदक डालकर इतिहास रचा था। नीरज ने 2016 विश्व जूनियर चैंपियनशिप में (86.48 मी) रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। दोहा डायमंड लीग में नीरज ने 87.43 मीटर के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन पदक से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे। अब पदक जीतने पर नीरज के कोच उवे होन ने सोशल साइट पर बधाई दी। पूर्व रिकॉर्डधारी जेवलिन थ्रोअर उवे ने कहा कि नीरज तुमने बहुत अच्छा किया, इस लय को कायम रखो।
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Chandigarh Boy Neeraj Chopra Wins Gold Medal in France in Athletics Meet
नीरज चोपड़ा
नीरज चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज से दो साल पहले ही पासआउट हुए हैं। मौजूदा समय में वे आर्मी में सूबेदार के पद पर नौकरी कर रहे हैं। जेवलिन थ्रोअर बनने की तैयारियों करते हुए एक दौर ऐसा आया, जब नीरज के पास जेवलिन खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। अच्छी जेवलिन की कीमत डेढ़ लाख रुपये थी, पर नीरज ने हौसला नहीं खोया। पिता सतीश कुमार व चाचा भीम सिंह चोपड़ा से सात हजार रुपये लेकर सस्ता जेवलिन खरीदा और हर दिन आठ घंटे अभ्यास किया।
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Chandigarh Boy Neeraj Chopra Wins Gold Medal in France in Athletics Meet
नीरज चोपड़ा - फोटो : Getty
इसी अभ्यास के बूते नीरज ने अंडर-16, 18 और 20 की मीट जीती व नेशनल रिकॉर्ड बना डाला। इसके बाद इंडिया कैंप में नीरज का चयन हुआ। फिर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की जेवलिन से अभ्यास करने का मौका मिला और पोलैंड में अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया। नीरज ने जेवलिन थ्रो सीखने के लिए कहीं से ट्रेनिंग नहीं ली हैं, बल्कि उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर इस खेल में अपना आप को बेहतर बनाया है।
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