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नसीहत : आईसीएआई ने अपमानजनक टिप्पणी बताकर रोका छात्रा का रिजल्ट, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Wed, 19 May 2021 02:54 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 19 May 2021 02:54 PM IST
सार

अदालत ने आईसीएआई को याचिकाकर्ता को 20,000 रुपये की लागत का भुगतान करने और 30 दिनों के भीतर उसकी मार्कशीट जारी करने का आदेश दिया है।

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Rajasthan HC pulls up ICAI for withholding students CA result due to derogatory remarks in her e mail
राजस्थान उच्च न्यायालय - फोटो : Social media

कोरोना महामारी के संबंध में एक सीए छात्रा का सीए इंस्टीट्यूट को सुझाव देना, उसे ही भारी पड़ गया था, लेकिन अदालत ने छात्रा को राहत प्रदान की है।  राजस्थान उच्च न्यायालय ने आईसीएआई यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की जमकर खिंचाई की है।


हाईकोर्ट ने लताड़ लगाते हुए आईसीएआई को छात्रा का परिणाम रोकने के लिए फटकारा है और आलोचना को सकारात्मक लेने की नसीहत भी दी है। सीए इंस्टीट्यूट यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने उस छात्रा का परिणाम रोकते हुए उसे ई-मेल किया था। इसके बाद जब छात्रा ने अदालत का रुख किया था।
अदालत ने संस्थान को आत्मनिरीक्षण करने की नसीहत दी है। साथ ही उसे अपनी वेबसाइट पर छात्रा के परिणाम उचित प्रदर्शन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही अदालत ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया को याचिकाकर्ता को 20,000 रुपये की लागत का भुगतान करने और 30 दिनों के भीतर उसकी मार्कशीट जारी करने का आदेश दिया है। 

 

Rajasthan HC pulls up ICAI for withholding students CA result due to derogatory remarks in her e mail
icai

यह है पूरा मामला
मामले के अनुसार, याचिकाकर्ता रिशा लोढ़ा इस साल जनवरी में सीए इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल हुई थीं। परीक्षा के लिए उपस्थित होने से पहले, उसने संस्थान को एक ई-मेल भेजा जिसमें कोरोना स्थिति पर प्रकाश डाला था और चिंता जताते हुए कहा कि यदि परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं, तो इससे संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
 

Rajasthan HC pulls up ICAI for withholding students CA result due to derogatory remarks in her e mail
आईसीएआई - फोटो : ICAI

ई-मेल में उसने संस्थान से ऑनलाइन आधारभूत संरचना विकसित करने का अनुरोध किया ताकि सभी स्तरों पर परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जा सकें। इसके बाद, मेल के जवाब में आईसीएआई द्वारा उसे सूचित किया गया कि उनके द्वारा अपने ई-मेल में की गई कथित "अपमानजनक टिप्पणी" के कारण उनका परिणाम रोक दिया गया है। इसके बाद, छात्रा ने उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दी थी। 

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Rajasthan HC pulls up ICAI for withholding students CA result due to derogatory remarks in her e mail
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

पेशेवर निकाय को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस दिनेश मेहता ने आदेश में कहा कि भविष्य में संस्थान ऐसी कोई कार्रवाई न करे और किसी भी आलोचना को सकारात्मक रूप से ले। अदालत ने कहा कि संस्थान जैसे पेशेवर निकाय को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पेशेवर उत्कृष्टता प्राप्त करने और अनुशासन के उच्च मानकों को स्थापित करने के प्रयासों में किसी छात्र या सदस्य के विचारों को उस तरीके से "दबाना" नहीं चाहिए जैसा कि वर्तमान मामले में किया गया है। 

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