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परीक्षा पर चर्चा : शिक्षा पर नरेंद्र मोदी के विचारों को नहीं सुन पाए तो इस खबर को पढ़ें
Wed, 30 Jan 2019 11:18 AM IST
kapil sharma
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: kapil sharma
Updated Wed, 30 Jan 2019 11:18 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम में देशभर से बच्चों, शिक्षकों और पैरंट्स की चिंताओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में पीएम मोदी का शिक्षक, दार्शनिक, कवि से लेकर बहुत हल्का फुल्का अंदाज भी दिखा। उन्होंने परिजनों को भी सलाह ही कि बच्चों पर प्रेशर न बनाएं, क्योंकि प्रेशर से ही परिस्थिति बिगड़ती है। पीएम ने ऑनलाइन गेम्स से लेकर सोशल मीडिया और परीक्षा में नंबरों पर टिप्स दिए। दो घंटे चले इस कार्यक्रम में पीएम ने परीक्षा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए और उन्हें एग्जाम को बेहतर तरीके से करने के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया जब एक मां ने पीएम से कहा कि इन दिनों मेरा बेटा ऑनलाइन गेम्स काफी खेलता है, मैं उसकी पढ़ाई से चिंतित हूं। इस पर पीएम ने मां से पूछा कि ये पब्जी वाला है क्या। इस पर छात्रों ने खूब ठहाके लगाए।
शहर के स्कूलों में हुआ लाइव प्रसारण-
शहर के लगभग हर स्कूल में स्कूल प्रबंधन द्वारा परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम को लाइव दिखाया गया। सभी स्कूलों ने अपने स्तर पर तैयारियां की हुई थीं और 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पीएम के भाषण को सुनने के लिए बिठाया गया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रमदोपहर करीब 1 बजे तक चला। ज्यादातर स्टूडेंट्स कार्यक्रम के दौरान पीएम की बातों को समझते व तालियां बजाते दिखे। कार्यक्रम के बाद स्टूडेंट्स का कहना था कि खुशी की बात है कि देश के पीएम भी उनकी छोटी छोटी समस्याओं को समझते हैं।
शहर के लगभग हर स्कूल में स्कूल प्रबंधन द्वारा परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम को लाइव दिखाया गया। सभी स्कूलों ने अपने स्तर पर तैयारियां की हुई थीं और 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पीएम के भाषण को सुनने के लिए बिठाया गया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रमदोपहर करीब 1 बजे तक चला। ज्यादातर स्टूडेंट्स कार्यक्रम के दौरान पीएम की बातों को समझते व तालियां बजाते दिखे। कार्यक्रम के बाद स्टूडेंट्स का कहना था कि खुशी की बात है कि देश के पीएम भी उनकी छोटी छोटी समस्याओं को समझते हैं।
सवालों पर ऐसे रहे पीएम के जवाब
डीएवी स्कूल, पठानकोट के छात्र अमित चौहान ने पूछा कि पढ़ाई करने में, एग्जाम देने में फन और इंटरेस्ट कैसे आएगा? इस सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि एग्जाम एक कसौटी हैं परखने का। एग्जाम को एक अवसर मानेंगे तो आनंद आएगा। वहीं कार्यक्रम में एक मां ने पूछा कि मेरा बच्चा इन दिनों ऑनलाइन गेम्स काफी खेलता है। मैं उसके मार्क्स और पढ़ाई को लेकर चिंतित हूं। पीएम ने मां से पूछा कि ये पब्जी वाला है क्या। इस पर छात्रों ने खूब ठहाके लगाए। पीएम ने पैरेंट्स से कहा, इन दिनों तकनीक के कारण बच्चों के पास सूचनाएं पहुंच सकती हैं। पैरंट्स को चाहिए कि बच्चों को तकनीक और ज्ञान से जोड़ें।
डीएवी स्कूल, पठानकोट के छात्र अमित चौहान ने पूछा कि पढ़ाई करने में, एग्जाम देने में फन और इंटरेस्ट कैसे आएगा? इस सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि एग्जाम एक कसौटी हैं परखने का। एग्जाम को एक अवसर मानेंगे तो आनंद आएगा। वहीं कार्यक्रम में एक मां ने पूछा कि मेरा बच्चा इन दिनों ऑनलाइन गेम्स काफी खेलता है। मैं उसके मार्क्स और पढ़ाई को लेकर चिंतित हूं। पीएम ने मां से पूछा कि ये पब्जी वाला है क्या। इस पर छात्रों ने खूब ठहाके लगाए। पीएम ने पैरेंट्स से कहा, इन दिनों तकनीक के कारण बच्चों के पास सूचनाएं पहुंच सकती हैं। पैरंट्स को चाहिए कि बच्चों को तकनीक और ज्ञान से जोड़ें।
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पीएम द्वारा दिए गए 5 टॉप टिप्स-
शब्द भंडार बढ़ाएं : छात्रों को नए नए शब्द सीखने चाहिए। इसके ढेर सारे लाभ हैं।
एप से भाषा सीखें : अब कई भाषाओं के मोबाइल ऐप आ गए हैं। उन ऐप की मदद से हिंदी, इंग्लिश या अन्य भाषाओं पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकते हैं।
लक्ष्य है जरूरी : जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य का होना जरूरी है। पहले एक लक्ष्य तय कर लें और फिर उसको हासिल करने के लिए रणनीति बनाएं।
मॉक टेस्ट : आपको ढेरों सारे ऑनलाइन मॉक टेस्ट मिल जाएंगे। मॉक टेस्ट की मदद से आप अपनी तैयारी का स्तर और कमियों को पता कर सकते हैं।
तकनीक समस्या नहीं, हल : इंटरनेट का सही इस्तेमाल करें। कई वेबसाइट और ऐप्स हैं जहां आप अपने कमजोर टॉपिक को मजबूत बना सकते हैं।
शब्द भंडार बढ़ाएं : छात्रों को नए नए शब्द सीखने चाहिए। इसके ढेर सारे लाभ हैं।
एप से भाषा सीखें : अब कई भाषाओं के मोबाइल ऐप आ गए हैं। उन ऐप की मदद से हिंदी, इंग्लिश या अन्य भाषाओं पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकते हैं।
लक्ष्य है जरूरी : जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य का होना जरूरी है। पहले एक लक्ष्य तय कर लें और फिर उसको हासिल करने के लिए रणनीति बनाएं।
मॉक टेस्ट : आपको ढेरों सारे ऑनलाइन मॉक टेस्ट मिल जाएंगे। मॉक टेस्ट की मदद से आप अपनी तैयारी का स्तर और कमियों को पता कर सकते हैं।
तकनीक समस्या नहीं, हल : इंटरनेट का सही इस्तेमाल करें। कई वेबसाइट और ऐप्स हैं जहां आप अपने कमजोर टॉपिक को मजबूत बना सकते हैं।
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कार्यक्रम के बाद क्या बोले विद्यार्थी
छोटे छोटे लक्ष्य रखें
प्रधानमंत्री ने स्ट्रेस फ्री रहने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि हर स्टूडेंट में अलग-अलग प्रतिभा होती है। ऐसे में कभी भी दूसरे जैसा बनने का प्रयास नहीं करें। इसके अलावा पीएम ने बताया कि हमें लक्ष्य छोटे छोटे रखने चाहिए और उन्हें पूरा करने में जी जान से जुट जाना चाहिए।
-स्नेहा, 11वीं कक्षा, जीजीएमएसएसएस-18
छोटे छोटे लक्ष्य रखें
प्रधानमंत्री ने स्ट्रेस फ्री रहने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि हर स्टूडेंट में अलग-अलग प्रतिभा होती है। ऐसे में कभी भी दूसरे जैसा बनने का प्रयास नहीं करें। इसके अलावा पीएम ने बताया कि हमें लक्ष्य छोटे छोटे रखने चाहिए और उन्हें पूरा करने में जी जान से जुट जाना चाहिए।
-स्नेहा, 11वीं कक्षा, जीजीएमएसएसएस-18
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