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आंखों से नहीं देख सकते फिर भी हैं करोड़ों के मालिक, रतन टाटा भी हुए इनसे प्रभावित

Sat, 23 Mar 2019 08:14 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Sat, 23 Mar 2019 08:14 PM IST
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Know about Blind Man the name is srikanth bolla
श्रीकांत बोला को आज किसी पहचान की जरूरत नहीं है। दुनिया उन्हें 50 करोड़ रुपए की कंज्यूमर फूड पैकेजिंग कंपनी बौलेंट इंडस्ट्रीज के CEO के रूप में जानती है लेकिन श्रीकांत को ये मुकाम यूं ही नहीं हासिल हुआ। यहां तक पहुंचने के लिए कितने पापड़ बेलने होंगे ये आप सोच भी नहीं सकते। आएये पढ़ते हैं इनके बारे में अगली स्लाइड में...
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जब श्रीकांत का जन्म हुआ, तो उनके कुछ रिश्तेदारों ने उनके माता-पिता को उन्हें मार देने को कहा था क्योंकि श्रीकांत को जन्म से ही दिखाई नहीं देता था। जब श्रीकांत का जन्म हुआ तब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सहीं नहीं चल रही थी, इसके बावजूद भी श्रीकांत ने 10वीं में 90 फीसदी मार्क्स हासिल किए। वो दसवीं के बाद साइंस पढ़ना चाहते थे लेकिन उनके ब्लाइंड होने के कारण, उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। 
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6 महीने के संघर्ष के बाद आखिरकार उन्हें साइंस सब्जेक्ट से पढ़ने की इजाजत मिली लेकिन फिर उन्हें 2009 में IIT दाखिले में भी काफी बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने विदेश जाकर पढ़ाई करने का फैसला लिया।
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भारत लौटकर श्रीकांत ने कुछ कर्मचारियों के साथ अपनी कंपनी शुरू की। आज वो हैदराबाद स्थित 50 करोड़ रुपये की बौलेंट इंडस्ट्रीज कंपनी के मालिक हैं। श्रीकांत की कंपनी अशिक्षित और विकलांगों को नौकरी देती है।
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श्रीकांत ने अपने काम से रतन टाटा को इतना प्रभावित कर दिया कि उन्होंने श्रीकांत की कंपनी में इंवेस्ट भी किया। श्रीकांत कहते हैं किसी की सेवा करने का मतलब यह नहीं है कि आप ट्रैफिक लाइट के पास बैठे हुए भिखारी को एक सिक्का दें और आगे बढ़ जाएं। सेवा का मतलब होता है कि आप उसे जिंदगी जीने के मौके उपबल्ध कराएं।
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