आज देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्मदिन है। आज से 102 साल पहले 19 नवंबर को ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में इंदिरा का जन्म हुआ था। इंदिरा गांधी भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रही हैं। जनवरी 1966 से लेकर मार्च 1977 तक और फिर जनवरी 1980 से लेकर अक्तूबर 1984 (जब इंदिरा की हत्या हुई) तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।
Birthday Special: जब इंदिरा गांधी के एक फैसले से बदल गई देश की पूरी बैंकिंग व्यवस्था
आज से करीब 50 साल पहले.. 19 जुलाई 1969 तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक फैसले ने देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली बदल दी थी। जब इंदिरा गांधी ने 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था। आज भी वह फैसला बैंकों को प्रभावित कर रहा है।
क्या होता है राष्ट्रीयकरण? इंदिरा ने क्यों लिया था ये फैसला? बैंकों के राष्ट्रीयकरण से देश पर क्या हुआ असर? इन सवालों के जवाब आगे की स्लाइड्स में पढ़ें।
राष्ट्रीयकरण को सरल भाषा में सरकारीकरण भी कह सकते हैं। जब किसी संस्था या व्यापारिक इकाई का स्वामित्व सरकार के अधीन होता है, तो उसे राष्ट्रीयकृत संस्था या इकाई कहा जाता है। ऐसी संस्थाओं पर सरकार का स्वामित्व तब ही माना जाता है जब उसकी पूंजी का न्यूनतम 51 फीसदी हिस्सा सरकार के पास हो।
आगे पढ़ें.. भारत में कब-कब हुआ बैंकों का राष्ट्रीयकरण
- भारत में सबसे पहला राष्ट्रीयकृत बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) था। इसका राष्ट्रीयकरण 1955 में ही कर दिया गया था।
- फिर 1958 में एसबीआई के सहयोगी बैंकों को भी राष्ट्रीयकृत कर दिया गया।
- सबसे बड़े पैमाने पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में इंदिरा गांधी ने किया। 14 बड़े बैंकों का एक साथ राष्ट्रीयकरण हुआ।
- इसके बाद 1980 में राष्ट्रीयकरण का दौर चला। जब सात बैंकों को राष्ट्रीयकृत किया गया।
आगे पढ़ें.. किन 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था इंदिरा ने
- बैंक ऑफ इंडिया
- पंजाब नेशनल बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- देना बैंक
- यूको बैंक
- सिंडिकेट बैंक
- केनरा बैंक
- ईलाहाबाद बैंक
- यूनाइटेड बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र