जब-जब दुनिया ने आंतकी हमलों का सामना किया है, तब-तब मानवता शर्मसार हुई है। आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक नासूर है। जिसे भविष्य में रोकने के लिए सभी प्रयास तो कर सकते हैं, पर इतिहास के धब्बों को कभी मिटाया नहीं जा सकता। आतंकवाद ने ना तो कभी मजहब देखा, ना बच्चे-बूढ़े और ना ही अमीर-गरीब, जो भी इसके सामने आया दर्दनाक मौत मारा गया। आज हम आपको बताएंगे दुनिया के ऐसे पांच बड़े आतंकवादी हमलों के बारे में जिन्होंने लोगों के दिलों को दहला दिया।
विश्व के पांच बड़े आतंकी हमले, जिन्होंने दहला दी दुनिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका में 9/11 आतंकी हमला
11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर अलकायदा के आतंकवादियों ने आत्मघाती हमला किया था। इसमें लगभग 3000 लोग मारे गए और 8900 लोग घायल हुए थे। यह विश्व इतिहास का सबसे बड़ा और भयंकर आतंकवादी हमला माना जाता है। अलकायदा के आतंकवादियों ने चार यात्री जेट विमानों का अपहरण किया और उनमें से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (न्यूयॉर्क शहर के ट्विन टावर्स) के साथ टकरा दिया।
इस हमले में विमानों में सवार सभी लोग, खुद आतंकवादी और ट्विन टावर्स में मौजूद अन्य लोग मारे गए। आतंकियों ने तीसरे विमान को वाशिंगटन डीसी के बाहर, आर्लिंगटन, वर्जीनिया में पेंटागन में टकरा दिया था। चौथा विमान कुछ यात्रियों और उड़ान चालक दल के विमान का नियंत्रण फिर से लेने के प्रयास में पेंसिल्वेनिया के ग्रामीण इलाके में शैंक्सविले के पास एक खेत में जा टकराया था। इनमें से किसी भी घटना में विमान में कोई जीवित नहीं बचा था।
इराक: यजीदी समुदाय पर 2 टन विस्फोटक से हमला
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हमला इराक में 14 अगस्त 2007 को हुआ। इसके लिए आतंकवादियों ने एक कार को इस्तेमाल किया था। कार में भारी मात्रा में विस्फोटक रखे गए थे। यह हमला विशेष रूप से यजीदी समुदाय के लोगों को निशाना बनाने के लिए किया गया था।
आतंकवादियों ने तीन कारों में दो टन विस्फोटक भरा और एक फ्यूल टैंकर को इमारत से टकरा दिया। इस हमले में करीब 756 लोगों की मौत हुई और 1,500 से ज्यादा लोग घायल हुए। इस हमले के पीछे कौन था, यह बात अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है।
रुस : बेसलान स्कूल हत्याकांड
सितंबर 2004 को रूस के बेसलान स्कूल में 1000 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसमें हमले में करीब 330 लोगों की जान गई थी, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की थी। चेचेन के आतंकवादियों ने इसे अंजाम दिया था। नकाबपोश महिलाएं और पुरुष विस्फोटक बेल्ट पहनकर गोलियां चलाते हुए स्कूल में घुस गए थे। स्कूल में दाखिल होते ही आतंकियों ने वहां मौजूद गार्ड समेत सभी पुरुष शिक्षकों को मार दिया था।
इसके बाद सभी को बंधक बनाकर स्पोर्ट्स हॉल में रखा और बास्केटबॉल कोर्ट में विस्फोटक लगा दिए। यह पूरा घटनाक्रम करीब तीन दिन चला। आतंकवादियों की मांग थी कि रूसी सरकार चेचेन्या से अपनी सेना हटा ले। वहीं रूस ने इससे साफ इनकार कर दिया था। आर्मी और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सैकड़ों बच्चे मारे गए थे।
एयर इंडिया की फ्लाइट-182
23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट कनिष्क-182 टोरंटो से उड़ान भरने के बाद लंदन होते हुए नई दिल्ली पहुंचने वाली थी। लेकिन सुबह होने से पहले यूरोप की सीमा में दाखिल होने के बाद 31000 फीट की ऊंचाई पर जोरदार धमाका हुआ। इससे विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए, इनमें 22 क्रू मेंबर थे। विमान का मलबा आयरलैंड की सीमा के पास अंटार्कटिक में बिखर गया।
अंटार्कटिक का यह इलाका लाशों और विमान के टुकड़ों से भर गया था। इस घटना में पूरे 29 परिवार खत्म हो गए। मरने वालों में 268 केनेडियन नागरिक थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के थे और 24 भारतीय नागरिक भी शामिल थे। जांच में यह बताया गया कि जहाज के कार्गो सेक्शन में बम से भरा एक बैग रखा गया था और इसे रखने वाले ने फ्लाइट बोर्ड नहीं की थी।
ये भी पढ़ें : बनना चाहते हैं CBI, RAW और IB में अफसर? जानिए पूरी प्रक्रिया
कमेंट
कमेंट X