फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Citizenship Amendment Bill: क्या है 69 साल पुराना नेहरू-लियाकत समझौता, क्यों हो रही है इसकी चर्चा

Thu, 12 Dec 2019 08:06 AM IST
Mohit Mudgal बीबीसी
बीबीसी Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 12 Dec 2019 08:06 AM IST
विज्ञापन
citizenship amendment bill 2019: all about nehru liaquat pact, delhi pact, amit shah, modi
nehru-liaquat pact - फोटो : Social Media

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB- Citizen Ammendment Bill) - 2019 पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया कि नेहरू-लियाकत समझौता धरा का धरा रह गया और पाकिस्तान (जब समझौता हुआ था तब बांग्लादेश नहीं था) अल्पसंख्यकों की हिफाजत का अपना कर्तव्य निभाने में नाकाम रहा। इसलिए नागरिकता संशोधन अधिनियम की जरूरत है।


 



बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने दोनों नए मुल्कों- भारत और पाकिस्तान में शरणार्थियों द्वारा झेली गई दिक्कतों के बारे में बात करते हुए कहा कि इसी समय 1950 में दिल्ली में नेहरू-लियाकत समझौता हुआ था। क्या है ये समझौता, आइए जानते हैं। 

क्यों जरूरत पड़ी इस समझौते की?

citizenship amendment bill 2019: all about nehru liaquat pact, delhi pact, amit shah, modi
  • साल 1947 में हुए विभाजन के बाद लाखों शरणार्थियों का एक ओर से दूसरी ओर आना-जाना जारी था। पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश), पंजाब, सिंध और कई इलाकों से हिंदू और सिख बड़ी तादाद में भारत आ रहे थे।
  • पश्चिम बंगाल, बिहार, पंजाब का वो हिस्सा जो भारत के हिस्से में आया था, वहां और भारत के दूसरे हिस्सों से मुसलमान पाकिस्तान जा रहे थे। कई इतिहासकार इसे विश्व इतिहास में सबसे बड़ा विस्थापन भी बताते है।
citizenship amendment bill 2019: all about nehru liaquat pact, delhi pact, amit shah, modi
  • विभाजन के बाद कई इलाकों में बड़े पैमाने पर दंगे हो रहे थे और भारी तादाद में हिंदू-मुसलमान मारे जा रहे थे।
  • इस दौरान ऐसे भी बहुत सारे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें अपना देश छोड़ चुके इन शरणार्थियों की जमीन-जायदाद पर कब्जा हो गया था। या फिर उसे लूट लिया गया था।
  • बच्चियों-महिलाओं को अगवा कर लिया गया था। लोगों का जबरन धर्म-परिवर्तन करवाया गया था।
  • इस तरह की घटनाएं उन अल्पसंख्यकों के साथ भी हो रहीं थीं, जो विस्थापन के लिए तैयार नहीं थे। यानी पाकिस्तान के वो हिंदू जो भारत जाने को तैयार नहीं हुए या फिर वो मुस्लिम जो भारत में ही रह गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों मुल्कों में मौजूद अल्पसंख्यक खौफ के माहौल में जी रहे थे

citizenship amendment bill 2019: all about nehru liaquat pact, delhi pact, amit shah, modi
  • साथ ही 1948 में पाकिस्तान की तरफ से कश्मीर पर हुए हमले और उसके बाद भारत की तरफ से हुए हस्तक्षेप के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बहुत खराब हो चुके थे।
  • दिसंबर 1949 में दोनों के बीच व्यापार भी बंद हो गया। दोनों मुल्कों के बीच जंग के हालात बनते दिखाई दे रहे थे।
  • इन हालातों को देखते हुए पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान अप्रैल 1950 में भारत आए। तभी जवाहरलाल नेहरू और लियाकत के बीच एक समझौता हुआ था। 
विज्ञापन

नेहरू-लियाकत समझौते के लक्ष्य

citizenship amendment bill 2019: all about nehru liaquat pact, delhi pact, amit shah, modi
  • दोनों देश अपने अल्पसंख्यकों के साथ हुए व्यवहार के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • शरणार्थियों के पास अपनी जमीन-जायदाद को बेचने या निपटाने के लिए वापस जाने का अधिकार होगा।
  • जबरन करवाए गए धर्म-परिवर्तन मान्य नहीं होंगे।
  • अगवा महिलाओं को वापस उनके नाते-रिश्तेदारों के हवाले किया जाएगा।
  • दोनों देश अल्पसंख्यक आयोग का गठन करेंगे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed