आपको जीवन में तरक्की करनी है, तो पब्लिक स्पीकिंग यानी मंच पर बोलने की कला आनी ही चाहिए। जॉब में आजकल ग्रुप डिस्कशन का चलन ज्यादा हो गया है। इसके माध्यम से कर्मचारियों के व्यक्तित्व की विभिन्न विशेषताओं को जानने-समझने की कोशिश की जाती है और उसके बाद जाकर कहीं एक अच्छी नौकरी मिल पाती है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आपके अंदर अच्छा और मीठा बोलने की कला है तो आपकी नौकरी पक्की है।
आपके अंदर भी हैं ये कला, तो नौकरी पक्की समझिए
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कम बोलें पर महत्वपूर्ण बोलें
जीडी में सफलता प्रभावशाली ढंग से बोलने से मिलती है, न कि ज्यादा बोलने या तेज बोलने से। जितना संभव हो विचारों को मन में व्यवस्थित रखने की कोशिश करें। तभी उस पर बोलना शुरू करें। ऐसा नहीं करने पर आप अटक सकते हैं और ऐसे में कोई दूसरा बोलने लगेगा।
खुद बोलने की कोशिश करें। साथ ही दूसरों की बात को भी ध्यान से सुनें। इससे आपको उसके समर्थन या विरोध में बोलने के लिए प्वॉइंट मिलेंगे।जब भी बोलें, सार्थक बोलें। पूरे ग्रुप डिस्कशन के दौरान तीन-चार बार बोलें, पर सोच-समझ कर। जीडी के विषय पर आपकी पकड़ अच्छी है तो आप पहले बोलना शुरू कर दें। यदि नहीं है, तो दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और उनमें प्वॉइंट ढूंढ़ें। इस ढंग से आप बेहतर बोल पाएंगे।
दूसरों को न रोके
बोलते वक्त दूसरों को बेवजह रोकना ठीक नहीं। इस दौरान आप दूसरे के चुप होने या अटकने का इंतजार करें। धाराप्रवाह बोलें और अटकने से बचें। लंबा बोलने की बजाय कम, पर संतुलित बोलना ठीक रहता है। किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समूह को संबोधित करते हुए ही अपनी बात कहें।
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