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दानिश अलबेला: पहले लगा कि दूर वो जाने लगे बहुत

danish albela ghazal pahe laga ki door wo jaane lage bahut
                
                                                         
                            


पहले लगा कि दूर वो जाने लगे बहुत
फिर यूँ हुआ कि याद वो आने लगे बहुत

वीरान दिल में फिर तिरी यादों के क़ाफ़िले
रफ़्तार धड़कनों की बढ़ाने लगे बहुत

ये इंतिशार टुकड़ों में यूँही नहीं हुआ
दर-अस्ल मेरे दिल पे निशाने लगे बहुत

भूला नहीं हूँ आज भी ये और बात है
ये दर्द-ए-दिल भुलाने को शाने लगे बहुत

हम को किसी के संग से दिक़्क़त नहीं हुई
लेकिन तिरे दिए हुए ता'ने लगे बहुत

जब तक थी ज़िंदगी तो रुलाया गया मुझे
आँखें हुईं जो बंद मनाने लगे बहुत

'दानिश' ये कैसा दौर-ए-मोहब्बत है देखिए
महबूब हैं जो दिल को दुखाने लगे बहुत

2 घंटे पहले

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