2021 होगा इंटरनेट पर 'हिंदी' का साल, जानें क्यों
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गूगल और केपीएमजी (KPMG) की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि साल 2021 तक हिंदी के यूजर इंटरनेट पर अंग्रेजी के यूजर को पार कर जाएंगे। इसके बाद इंटरनेट मार्केट की ये स्थिति हो जाएगी कि हिंदी, मराठी और बंगाली के यूजर्स ही इंटरनेट बाजार का ग्रोथ तय करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 तक इंटरनेट पर तकरीबन 536 मीलियन यूजर्स भारतीय भाषाओं के होंगे, जो कि कुल इंग्लिश यूजर्स (199 मीलियन) के 2.5 गुना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक हिंदुस्तान के कुल इंटरनेट यूजर्स के 75% यूजर्स भारतीय भाषाओं के होंगे।
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2021 होगा हिंदी का साल..
रिपोर्ट में प्रकाशित अन्य महत्वपूर्ण बातें इस प्रकार हैं...
-पिछले 5 सालों 2011 से 2016 के बीच इंडियन लेंग्वेज इंटरनेट यूजर्स की संख्या में 450% का इजाफा हुआ है। पहले जो संख्या 42 मीलियन थी वो अब 234 मीलियन हो गई है। साल 2021 तक इसे 536 मीलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। अगर रोज 10 इंटनेट यूजर बढ़ते हैं तो उनमें से 09 किसी भारतीय भाषा के होंगे।
-भारतीय भाषाओं के कुल 99% यूजर मोबाइल से इंटरनेट यूज करते हैं। वहीं भारत के कुल इंटरनेट यूजर्स में से 78% मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं।
-68% यूजर्स को ऐसा लगता है कि लोकल लेंग्वेज में जो डिजीटल कंटेंट मिलता है वो अंग्रेजी से ज्यादा भरोसेमंद है।
-32 मिलियन इंडियन लेंग्वेज इंटरनेट यूजर ऐसे हैं जो डिजीटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ही सिर्फ न्यूज कंटेट के लिए करते हैं।
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2021 होगा हिंदी का साल...
आज से 4 साल बाद भारतीय भाषाओं के कुल इंटरनेट यूजर्स में से 1 तिहाई सिर्फ हिंदी में इंटरनेट यूज कर रहे होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक 201 मीलियन हिंदी के यूजर्स, 51 मीलियन मराठी के और 42 मीलियन बंगाली भाषा के यूजर होंगे।
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