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बचपन में ही उठ गया था पिता का साया, जम्मू कश्मीर के माहोर से बाबर अली बने पहले IAS
Sun, 07 Apr 2019 05:08 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Sun, 07 Apr 2019 05:08 PM IST
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UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर बाबर अली चगट्टा, जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में माहोर तहसील से पहले IAS बन गए। ये बात आने वाले वर्षों में युवाओं को प्रेरित करेगी।
अली, जिन्होंने 364वां स्थान हासिल किया है, राज्य के उन सात उम्मीदवारों में से हैं, जिन्होंने प्रतिष्ठित परीक्षा को क्वालीफाई किया था और जिसका अंतिम परिणाम शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने घोषित किया।
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अली, जिन्होंने 364वां स्थान हासिल किया है, राज्य के उन सात उम्मीदवारों में से हैं, जिन्होंने प्रतिष्ठित परीक्षा को क्वालीफाई किया था और जिसका अंतिम परिणाम शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने घोषित किया।
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अली ने कहा कि माहोरे के युवा सपने से भरे हुए हैं और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करना चाहते हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि वहां उचित सुविधाओं और एक मंच की कमी है। शिक्षा स्तर के साथ-साथ लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति बहुत कम है।
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उधमपुर में जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) से अपनी स्कूली शिक्षा और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले बाबर अली ने कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि उनके परिवार ने सिविल सेवाओं में शामिल होने के सपने को पूरा करने के लिए सभी सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा, "मैंने अपने पिता को बचपन में ही खो दिया, लेकिन मेरी मां और भाइयों ने मेरी पढ़ाई पूरी करने के लिए अपना समर्थन जारी रखा," उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं के लिए उन्होंने औपचारिक कोचिंग नहीं ली थी, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की।
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