देश में तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में जल्द ही नए आयाम देखने को मिलेंगे। 2020 में घोषित की गई नई शिक्षा नीति के तहत न केवल स्कूली शिक्षा ढांचे में आमूलचूल बदलाव होने जा रहे हैं बल्कि इंजीनियरिंग शिक्षा क्षेत्र में भी कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इसके तहत ही 12 मार्च, 2021 को देश में तकनीकी शिक्षा के नियामक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्नीकल एजुकेशन (AICTE) ने बड़ी घोषणा की है।
इंजीनियरिंग : अनिवार्य विषयों को लेकर न हों कन्फ्यूज, ऐसे समझिए एआईसीटीई के नए नियम
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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने शुक्रवार, 12 मार्च, 2021 को फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथेमेटिक्स (PCM) को छात्रों के लिए वैकल्पिक विषय बना दिया है। अभी तक जो छात्र इनमें कमजोर होने के कारण ही 12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे, अब वे भी दूसरे विषयों के साथ 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद इंजीनियरिंग में दाखिला ले पाएंगे।
एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो अनिल सहस्रबुद्धे का कहना है कि यह परिवर्तन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप है। नई शिक्षा नीति में विषयों को चुनने को लेकर थोड़ी आजादी दी गई है। जिससे छात्रों में इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों और ब्रांच जैसे जैव प्रौद्योगिकी, टेक्सटाइल या कृषि इंजीनियरिंग आदि तकनीकी पाठ्यक्रमों प्रवेश को लेकर रुझान बढ़ेगा।
नए नियमों के अनुसार इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए किन विषयों की आवश्यकता होती है?
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआईसीटीई के नए नियमों के अनुसार, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं तीन विषयों के साथ 12वीं कक्षा पास करनी होगी ...
- भौतिक विज्ञान
- रसायन विज्ञान
- गणित
- जीव विज्ञान
- कंप्यूटर विज्ञान
- इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी
- सूचना का अभ्यास
- तकनीकी व्यावसायिक विषय
- जैव प्रौद्योगिकी
- कृषि
- बिजनेस स्टडीज
- अभियांत्रिकी
क्या आरक्षित और अनारक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए कट-ऑफ निर्धारित है?
जी हां। एआईसीटीई ने नए नियम जारी करते हुए यह भी बताया है कि अनारक्षित श्रेणी के छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज और पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 12वीं कक्षा में कम से कम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त होने चाहिए। हालांकि, आरक्षित श्रेणी के छात्र-छात्राओं के लिए 12वीं कक्षा में 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने जरूरी है।
अगर मैं मैथ्स, फिजिक्स और केमिस्ट्री में पारंगत नहीं हूं तो क्या मेरे लिए भी कोई कोर्स है?
जी हां। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद यानी एआईसीटीई के नए नियमों के अनुसार, इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में सभी छात्र समान रूप से सीख सकें इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले के छात्र-छात्राओं के लिए मैथ्स, फिजिक्स और इंजीनियरिंग ड्राइंग जैसे विषयों के लिए एक ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। जिससे वे पीसीएम बैकग्राउंड वाले विद्यार्थियों के लर्निंग लेवल की बराबरी कर सकेंगे।
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