संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है। आपको बता दें कि इसके पीछे एक बड़ा राज है। हमारे संविधान में कर्तव्यों के साथ-साथ अधिकारों की बात कही गई है। यही कारण है कि भारतीय संविधान काे विश्व के सबसे बेहतरीन संविधानों में से एक कहा जाता है। आइये अगली स्लाइड में जानते हैं आखिर क्यों मनाया जाता है 26 नवंबर को ही भारतीय संविधान...
आखिर 26 नवंबर को ही क्यों मनाते हैं संविधान दिवस, दिलचस्प है वजह
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भारत के संविधान के जनक कहे जाने वाले डॉ. भीमराव अम्बेडकर का योगदान हमारे संविधान को तैयार करने में काफी रहा है। देश की आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारत के प्रथम कानून मंत्री के रुप में सेवा करने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद उन्हें 29 अगस्त को संविधान की प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। वह भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे और उन्हें मजबूत और एकजुट भारत के लिए जाना जाता है।
क्या आप जानते हैं-
बहुत कम लोगों को पता है कि भारतीय संविधान की पहली फोटो जो हमे दिखाई जाती है वह संविधान की पहली हस्तलिखित फोटो है। आपको बता दें कि इस हस्तलिखित फोटो को कैलीग्राफी के माध्यम से बनाया गया था। इसे प्रेम बिहारी रायजादा ने बनाया था जोकि दिल्ली में रहा करते थे।
क्या आप जानते हैं कि भारतीय संविधान को दुनिया का सबसे बड़ा संविधान कहा जाता है। इस संविधान में 94 संशोधन 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियों को शामिल किया गया है। यह हस्तलिखित संविधान 2 साल 11 महीने और 17 दिन में लिखी गई थी।
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