विवेक विहार में महिला के साथ दरिंदगी के आरोपी परिवार पीड़िता के परिवार को बर्बाद करने की बात करते थे। रोजाना ही वह पीड़ित परिवार को धमकाकर दाने-दाने को मोहताज करने की बात करते थे। पीड़िता के परिवार में एक 18 साल की छोटी बहन के अलावा बीमार पिता ही है। पहले पिता ऑटो चलाते थे, लेकिन 2016 में एक सड़क हादसे में पिता की रीढ़ की हड्डी टूट जाने के बाद से वह बिस्तर पर ही हैं। किसी तरह छोटी बहन ने शाहदरा में एक गारमेंट शोरूम में नौकरी शुरू की थी, लेकिन आरोपियों ने वहां पहुंचकर हंगामा कर उसे नौकरी से निकलवा दिया। 19 जनवरी को आरोपियों ने पीड़िता के पिता का ऑटो जिसे वह किराए पर देकर रोजाना 400 रुपये लेते थे, उसे भी जला दिया था।
दिल्ली में दरिंदगी: परिवार को दाने-दाने के लिए मोहताज करना चाहते थे आरोपी, पिता का ऑटो जलाकर बहन की नौकरी भी छुड़वा दी थी
परिवार के एक करीबी ने बताया कि बीमार पिता और छोटी बहन की देखभाल पीड़िता और उसका पति ही कर रहे थे। पीड़िता का पति गुरुग्राम में किसी कंपनी में छोटी-मोटी नौकरी करता था। उसे पंद्रह हजार रुपये महीना मिलते हैं। शादी के बाद कुछ दिन तक पीड़िता अपने पिता के ही घर पर रह रहे थे। दोनों पति-पत्नी छोटी बहन व पिता का खर्चा उठा रहे थे। लेकिन जब आरोपियों का दबाव बढ़ा तो पीड़िता व उसके पति ने वहां से घर छोड़कर दूसरी जगह रहना शुरू कर दिया था। अब वारदात होने के बाद पीड़िता के परिवार को अपने भविष्य की चिंता सता रही है। फिलहाल पीड़िता के घर पर उसकी मौसी व दूर का नाना रुका हुआ है। पीड़ित परिवार का कहना है कि एक कमरे के मकान में सभी लोग रह रहे हैं। ऑटो जलने के बाद परिवार की कमाई का वह जरिया भी खत्म हो गया है।
आत्महत्या करने वाला लड़का जबरन करता था परेशान
पीड़िता के परिवार का कहना है कि जिस 16 साल के लड़के ने आत्महत्या की थी, उसके परिवार को पीड़िता ने समझाने का खूब प्रयास किया था। शादी से पहले पड़ोसी होने के कारण दोनों दोस्त थे। लेकिन चार साल पहले जब पीड़िता की शादी हुई तो आरोपी शादी के बाद भी उससे मिलने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने कई बार लड़के के परिवार को समझाने का प्रयास किया। यहां तक कहा कि वह लड़के को समझा लें। लड़का भी नशा करता था और पीड़िता से मिलने का दबाव बनाता था। परिवार का कहना है कि उसने गुस्से में आत्महत्या का कदम उठाया। इसमें पीड़िता का क्या दोष था।
पीड़िता अपने बच्चे को याद कर रही, बच्चा भी मां के लिए बिलख रहा...
पुलिस की देखरेख में पीड़िता का अज्ञात स्थान पर इलाज जारी है। पीड़िता अपने तीन साल के बेटे के लिए तड़प रही है, वहीं उसका मासूम बच्चा भी मां को याद करता रहता है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मासूम अभी तीन साल का भी नहीं हुआ है। किसी तरह उसे टॉफी और दूसरी चीज दिलाकर बहलाया जा रहा है। जब तक पीड़िता पूरी तरह से ठीक नहीं होगी और परिवार को सुरक्षा का इंतजाम नहीं होगा तब तक पीड़िता को घर नहीं लाया जाएगा।
कस्तूरबा नगर में पीड़िता के घर और आसपास पुलिस तैनात...
कस्तूरबा नगर स्थित पीड़िता के घर के आसपास की सुरक्षा को बाकी दिनों के मुकाबले और बढ़ा दिया गया है। आरोपियों की गली में भी 24 घंटे कुछ पुलिसकर्मी बैठे रहते हैं। पीड़िता की बहन या परिवार के सदस्य कुछ सामान लेने के लिए निकलते हैं तो पुलिस जवान उनके साथ जाते हैं। फिलहाल जब तक सभी आरोपी नहीं पकड़े जाते तब तक परिवार को सुरक्षा देने की बात की जा रही है।