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तस्वीरें: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को डिग्री देकर किया सम्मानित 

Sun, 28 Feb 2021 04:15 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 28 Feb 2021 04:15 PM IST
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union education minister ramesh pokhriyal nishank conferred degrees to students on DU 97th Convocation see pitures
डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल। - फोटो : जी पाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के 97वें दीक्षांत समारोह में छात्रों को विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया। छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय ने न सिर्फ ज्ञान सृजन, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस इतिहास को बताने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आप सभी इस इतिहास से सीख लेते हुए आगे बढ़ें, इसे संवारें और एक नया स्वर्णिम इतिहास लिखे। समारोह में 670 छात्रों को डॉक्टोरल डिग्री, 44 को डीएम/एमसीएच डिग्री, 156 को मेडल व 36 छात्रों को पुरस्कार भी मिला। 

 
union education minister ramesh pokhriyal nishank conferred degrees to students on DU 97th Convocation see pitures
डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल। - फोटो : जी पाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश जब आजाद नहीं हुआ था, तब से इस कैंपस में (वर्ष 1935) 'छात्र संसद' का प्रचलन है। यह संवाद की संस्कृति ही तो हमारी ताकत है। इस छात्र संसद ने गांधी, नेहरु, सरोजिनी नायडू, एनी बेसेंट और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जैसी शख्सियतों को तराशने में अहम भूमिका निभाई है। मुझे खुशी है कि पिछले 100 वर्षों में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने ‘निष्ठा धृति सत्यम’ के अपने सिद्धांत को पूर्णता अपनी कैंपस संस्कृति में समाहित कर लिया है। 
union education minister ramesh pokhriyal nishank conferred degrees to students on DU 97th Convocation see pitures
डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल। - फोटो : जी पाल
मैं चाहता हूं कि आप इस लंबी यात्रा की समीक्षा करें ताकि आपको यह समझ आ सके कि आज आप कहां हैं? और भविष्य में आप कहां जाना चाहते हैं? इससे आपको अपने नए लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप मिलेगा। समारोह में  संघ लोकसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. पीके जोशी, दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पी सी जोशी, कॉलेज के डीन प्रो. बलराम पाणि, दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस की डायरेक्टर प्रो. सुमन कुंदू, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता भी मौजूद रहे। दिल्ली यूनिवर्सिटी की राष्ट्र निर्माण में भूमिका के बारे में  निशंक ने कहा कि आज जब हम आजादी के 75 वर्ष एवं यूनिवर्सिटी अपने स्थापना के 100 वर्षों की यात्रा की ओर बढ़ रहा है तो मुझे लगता है की यूनिवर्सिटी की ऐतिहासिक प्रष्ठभूमि और आजादी की लड़ाई में योगदान को भी याद करना होगा। 
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union education minister ramesh pokhriyal nishank conferred degrees to students on DU 97th Convocation see pitures
डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल। - फोटो : जी पाल
विश्वविद्यालय की स्थापना उस काल में हुई, जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था। दिल्ली विश्वविद्यालय और आजादी के इतिहास से जुड़ी सैंकड़ों ऐसी घटनाएं है, जिनका जिक्र यदा कदा होता रहता है। नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के बारे में उन्होंने कहा कि यह शिक्षा का सबसे बड़ा रिफॉर्म होगी। यह किसी सरकार या किसी व्यक्ति विशेष की नीति नहीं है, बल्कि हम सबकी नीति है। हम सब मिलकर इस नीति को लेकर आए हैं और अब इस नीति का क्रियान्वयन भी हम सबका कर्तव्य है। 
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डीयू के 97वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल। - फोटो : जी पाल
यह मात्र एक नीति नहीं बल्कि भारत के स्वर्णिम भविष्य का विजन डॉक्यूमेंट है। इसके क्रियान्वयन के लिए सभी का आह्वान करते हुए कहा कि जिस एनईपी क्रियान्वन टास्क फोर्स का गठन आपके द्वारा हुआ है। वह एनईपी को सबसे पहले लागू करके दिखाएं व अन्य संस्थानों का मार्गदर्शन करें। विश्वविद्यालय दिल्ली में स्थित है, जहां महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं। आप राष्ट्रीय नीतियों पर उत्कृष्टता केंद्र को आगे बढ़ा कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। आपके प्रयासों से ना केवल भारतीय शिक्षा प्रणाली को बल मिलेगा, अपितु भारत शिक्षा के क्षेत्र में पूरे विश्व का नेतृत्व करेगा।
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