{"_id":"62242bd20e2d594fe30315cb","slug":"russia-ukraine-war-uncle-where-are-you-come-soon-touching-appeal-of-niece-of-injured-student-harjot-singh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Russia-Ukraine War: चाचा आप कहां हो, जल्दी आ जाओ...घायल छात्र हरजोत सिंह की भतीजी की मार्मिक अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Russia-Ukraine War: चाचा आप कहां हो, जल्दी आ जाओ...घायल छात्र हरजोत सिंह की भतीजी की मार्मिक अपील
Sun, 06 Mar 2022 09:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 06 Mar 2022 09:04 AM IST
विज्ञापन
Russia-Ukraine War
- फोटो : अमर उजाला
चाचा, आप कहां हो, जल्दी आ जाओ...। यूक्रेन के कीव में एके-47 की गोलियां से जख्मी हुए 31 वर्षीय छात्र हरजोत सिंह की भतीजी गुरलीन अपने चाचा को इस वक्त कुछ इस तरह की याद कर रही है। मासूम को यूक्रेन संकट से बेशक सीधा वास्ता नहीं, अब हर वक्त हरजोत के पहुंचने का रास्ता देख रही है। पिता केसर सिंह की आंखें लगातार टीवी पर टिकी हैं, मां प्रकाश कौर हर पल बेटे के महफूज लौटने का इंतजार कर रही हैं। यूक्रेन में छह घंटे के युद्धविराम में भी उसके भारत लौटने की उम्मीद फीकी हो गई। क्योंकि, वह फिलहाल पैदल चल नहीं सकता है। परिजनों ने हरजोत सिंह के साथ देश के सभी छात्रों की सुरक्षित स्वदेश वापसी की सरकार से गुहार लगाई है। हरजोत के बड़े भाई प्रभजोत सिंह ने बताया कि घर में सभी लोग उसकी खैरियत की दुआएं मांग रहे हैं। शुक्रवार को भी बातचीत हुई तो बताया कि पहले से उसकी हालत ठीक है, मगर यूक्रेन की मौजूदा स्थिति को देखकर तब तक राहत की सांस नहीं ले सकते हैं, जब तक उनका भाई घर लौट न आए।
अपने परिजन के साथ खड़ी हरलीन
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन निवासी प्रभजोत सिंह ने बताया कि कीव से हरजोत अपने दो दोस्तों के साथ भारत आने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें रोका गया। इस दौरान उन्हें गो बैक...कहा गया।
घायल हरजोत
- फोटो : अमर उजाला
जैसे ही कैब ने यू टर्न लिया तो फायरिंग होने लगी। फिर बाहर निकलते ही हरजोत को एक के बाद एक चार गोलियां लगीं। भाई ने बताया कि घटना के बाद से हरजोत को पता नहीं है कि उनके दोस्त कहां हैं। कीव से हरजोत कैब में रवाना हुए, लेकिन गोलियां चलने के बाद मची अफरातफरी में पासपोर्ट भी उनके बैग में वहीं छूट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूक्रेन में धमाके के बाद उठता धुआं
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार शाम तक परिजनों का हरजोत से फोन पर संपर्क नहीं हो सका। डॉक्टर भी उसे अधिक बातचीत करने से मना कर रहे हैं। हरजोत अपने परिवार के साथ दिल्ली के छतरपुर में रह रहे हैं। पिता की एक दुकान है तो भाई प्रभजोत भी कंप्यूटर हार्डवेयर का काम करते हैं। सात वर्षीय बेटी गुरलीन कौर बार-बार अपने चाचा को याद कर उनके जल्द सुरक्षित लौटने की बात कर रही है।
विज्ञापन
यूक्रेन में युद्ध की वजह से रिहायशी इलाकों की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
- फोटो : PTI
सुरक्षित वापसी का इंतजार
दो मार्च को हरजोत सिंह ने परिजनों को फोन पर बताया कि 27 फरवरी को वह अपने हॉस्टल से रवाना हुए थे, लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिल पाई, जिसके बाद पोलैंड बार्डर तक पहुंचने के लिए हरजोत ने अपने दोस्तों के साथ कैब का सहारा लिया। कीव से कुछ दूर आगे चलते ही रात का वक्त होने की वजह से सुरक्षा जांच के लिए रोका गया।
दो मार्च को हरजोत सिंह ने परिजनों को फोन पर बताया कि 27 फरवरी को वह अपने हॉस्टल से रवाना हुए थे, लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिल पाई, जिसके बाद पोलैंड बार्डर तक पहुंचने के लिए हरजोत ने अपने दोस्तों के साथ कैब का सहारा लिया। कीव से कुछ दूर आगे चलते ही रात का वक्त होने की वजह से सुरक्षा जांच के लिए रोका गया।