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छावनी में तब्दील हुआ गांव: गोगी के ग्राम में अब भी है डर का माहौल, ग्रामीण बोले- उसके जीते जी हमेशा सताता था यह डर

Sat, 25 Sep 2021 10:04 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 25 Sep 2021 10:04 PM IST
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heavy police security arrangements in alipur village of jitendra gogi
Delhi Rohini court shootout - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद भी अलीपुर स्थित उसके गांव में डर का माहौल है। शुक्रवार को रोहिणी कोर्ट में हत्या के बाद से उसके गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे चप्पे पर पुलिसकर्मी व अर्धसैनिक बल तैनात है और वह जितेंद्र गोगी के घर आने जाने वालों पर नजर रख रहे हैं। गांव के लोग खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र के किए आपराधिक वारदातों को लेकर अकसर पुलिस उनके गांव में आती जाती रहती थी, अब उसकी मौत के बाद यह सिलसिला रूक जाएगा। 



गोगी की हत्या के बाद उसके गांव वाले बताते हैं कि गोगी जब तक जिंदा था। कभी भी दिल्ली या फिर यूपी व हरियाणा की पुलिस गांव में आ जाती थी। जिससे गांव में दहशत का महौल बन जाया करता था। गोगी कहीं भी रहता था पुलिस उसकी तलाश में अकसर गांव में आकर करती थी। लोगों को यह भी डर सताता रहता था कि कब कौन से गैंग का बदमाश गैंगवार में गांव के किसी व्यक्ति की हत्या कर दे। गोगी के घर पर अनजान लोगों का आना जाना लगा रहता था। कई बार तो यहां आने वाले लड़कों के पास पिस्टल देखी गई थी। 

ऐसे लोगों से गांव वालों को डर लगा रहता था। लोग गोगी के गांव के नाम से इस गांव की पहचान करते थे। आस पास के गांव के लोग गोगी के घर को जरूर जानते थे। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि गोगी की मौत के बाद अब उनके गांव में पुलिस की मौजूदगी नहीं के बराबर होगी।
 

heavy police security arrangements in alipur village of jitendra gogi
बीआर अंबेडकर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठे गोगी के परिजन - फोटो : amar ujala

मौत के बाद भी गोगी के घर आने वालों पर पुलिस की नजर  
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गोगी के घर पर आने वाले हर एक शख्स पर पुलिस की नजर है। शुक्रवार को गोगी की हत्या के बाद से ही उसके गांव में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात कर दिया गया है। गोगी की मौत की खबर मिलते ही उसके घर पर लोगों का आने का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार सुबह से ही दस पंद्रह की टोली में लड़के गोगी के घर आ जा रहे हैं। जिन पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। पुलिस गोगी के घर आने जाने वालों की पहचान कर रही है। पुलिस उनका वीडियाग्राफी भी करवा रही है। 

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रोहिणी कोर्ट में शूटआउट - फोटो : अमर उजाला

पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोगी के घर आपराधिक पृष्टिभूमि के लोग भी आ रहे हैं। जिनकी वीडियोग्राफी करवाकर उनकी पहचान करने में जुटी है। आला पुलिस अधिकारियों ने थाना पुलिस को साफ तौर पर निर्देश दिया है कि इस दौरान छोटी सी छोटी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करें। 

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जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी - फोटो : अमर उजाला

बचपन में गोगी को वॉलीबाल खेलने का शौक था 
जितेंद्र गोगी का घर अलीपुर गांव छोटा शिव मन्दिर के पास है। गांव वालों मुताबिक जितेंद्र गोगी के पिता मेहर सिंह की वर्ष 2010 में कैंसर की बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में उसकी मां पदमेश्वरी, बड़ा भाई रविंद्र मान और बहनें हैं। मेहर सिंह ठेकेदार थे जबकि रविंद्र के कई टेंपो हैं, जिसे वह चलवाता है। लोगों ने बताया कि जितेंद्र को बचपन में वॉलीबाल का शौक था लेकिन 17 साल के उम्र में कंधे की चोट की वजह से उसने खेलना बंद कर दिया। 


कॉलेज जाने के बाद वह छात्र राजनीति में उसकी दिलचस्पी हो गई थी। श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ने के दौरान उसकी अपनी जिगरी दोस्त ताजपुर गांव निवासी सुनील मान उर्फ टिल्लू से दुश्मनी हो गई। उसके बाद से वह आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगा। वर्ष 2010 में पिता की मौत के बाद से वह हत्या, उगाही जैसे संगीन अपराध को अंजाम देने लगा। 

 
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jitendra gogi murder - फोटो : अमर उजाला

लोगों ने बताया कि उसकी मां चाहती थी कि वह आत्मसमर्पण करे और गैंगवार खत्म हो। इस वजह से वह पिछले पांच साल से अपने बेटे से बात भी नहीं कर रही थी। वर्ष 2017 में उसने रंजिश की वजह से देवेंद्र प्रधान की हत्या कर दी थी। वर्ष 2018 में बुराड़ी में हुए गैंगवार में उसका नाम सुर्खियों में आया। गैंगवार में तीन लोगों की हत्या हो गई और पांच घायल हो गए। 2020 में उसका अहम सहयोगी कुलदीप उर्फ फज्जा, रोहित और कपिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गांव के लोग बताते हैं कि टिल्लू और गोगी की दुश्मनी बहुत पुरानी है और इनके बीच गैंगवार में अब तक 40 लोगों की हत्या हो चुकी है। डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गुरुग्राम से गिरफ्तार किया लेकिन आज भी उसके गैंग के सदस्य वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 

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