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दर्द: साहब! ये मेरी बहन कल रात से तड़प रही है बेचारी बहुत परेशान है, भाई के आंसुओं को देख भी नहीं पिघला दिल
Sat, 18 Dec 2021 08:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 18 Dec 2021 08:57 AM IST
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डॉक्टरों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
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साहब! ये मेरी बहन कल रात से तड़प रही है। बेचारी बहुत परेशान है। मैं एंबुलेंस लेकर तीन अस्पताल के चक्कर लगा चुका हूं। कोई मेरी नहीं सुन रहा है। कोई कहीं भेज देता है तो कोई कहीं। कुर्सी पर बैठे-बैठे ही मरीज को देख दूसरे अस्पताल ले जाने का ऑर्डर दे देते हैं। मैंने सबके हाथ जोड़ लिए साहब, कोई मेरी बहन को नहीं देख रहा है। यहां आया तो सुरक्षा गार्डों ने बाहर से मुझे कहीं और ले जाने का बोल दिया। अब एंबुलेंस वाला भी हमें छोड़कर भाग गया साहब। मेरी बहन के साथ कहीं कुछ....। अचानक से रुके शब्द अरविंद की आंखों को नम कर गए और वह फफक पड़ा। अपनी बहन को तड़पता देख करीब डेढ़ घंटे तक अरविंद रोता रहा लेकिन उसके आंसुओं से किसी का दिल नहीं पिघला और आखिर में वह एक ऑटो रिक्शा में लेकर अपनी बहन को वापस घर ले गया।
बहन को इलाज न मिलने पर रोता अरविंद
- फोटो : amar ujala
यह घटना के दिल्ली के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक सफदरजंग की है जहां शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे से ठंडी हवाओं के बीच अरविंद अपनी बहन लक्ष्मी को लेकर खड़ा था। अरविंद ने बताया कि वह हैदरपुर निवासी है और उसकी बहन लक्ष्मी को पहले अंबेडकर अस्पताल रोहिणी ले गया और फिर वहां से जीबी पंत ले आया लेकिन यहां भी किसी ने नहीं सुनी और फिर वह सफदरजंग अस्पताल पहुंचा।
बहन के इलाज के लिए बिलखता भाई
- फोटो : अमर उजाला
अरविंद की तरह अस्पताल में कई ऐसे मरीज थे जिन्हें न इलाज मिला और न ही कोई दवा। दिल्ली के ही निवासी सुनील कुमार व्हीलचेयर पर सफदरजंग अस्पताल की ओपीडी पहुंचे लेकिन उन्हें पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद सुनील आपातकालीन वार्ड भी पहुंचे लेकिन वहां मौजूद डॉक्टरों ने ओपीडी में आकर ही जांच कराने की सलाह देते हुए उन्हें वापस कर दिया।
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डॉक्टरों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल नीट पीजी काउंसलिंग में देरी के खिलाफ शुक्रवार से दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। सुबह नौ बजे से डॉक्टरों की हड़ताल शुरू हुई जिसका सबसे बड़ा असर सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, जीटीबी और लोकनायक अस्पताल में दिखाई दिया।
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डॉक्टरों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
यहां आपातकालीन वार्ड, ओपीडी, सामान्य वार्ड से लेकर कोविड वार्ड तक में ड्यूटी करने से साफ इंकार कर दिया है। डॉक्टर अपने अपने अस्पतालों में धरने पर बैठ गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ने वरिष्ठ डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई है लेकिन शुक्रवार को जब अमर उजाला की टीम ने सफदरजंग और आरएमएल अस्पताल का दौरा किया तो वहां कोई किसी मरीज को इलाज नहीं मिल रहा था। स्ट्रेचर खाली पड़े थे और मरीज-तीमारदार बाहर इंतजार कर रहे थे।