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देखें, कैसे जंगली बिल्लियों के DNA से पकड़े जाएंगे शातिर अपराधी

Mon, 21 Dec 2015 08:40 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 21 Dec 2015 08:40 AM IST
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देखें, कैसे जंगली बिल्लियों के DNA से पकड़े जाएंगे शा‌तिर अपराधी

wild cat DNA help in arresting criminals.

जंगली छोटी बिल्लियों का डीएनए सीक्वेंस जंगल में हो रहे अपराधों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। जूलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने नवीन तकनीक से दो सौ साल पुराने म्यूजियम सैंपल से दुनिया में पहली बार बिल्लियों का डीएनए सीक्वेंस निकाला है।

देखें, कैसे जंगली बिल्लियों के DNA से पकड़े जाएंगे शा‌तिर अपराधी

wild cat DNA help in arresting criminals.

वन्य जीव तस्करों के गले का फंदा बनेगा। तस्कर अब कोर्ट में गलत दलीलें नहीं दे पाएंगे। बिल्ली के बाल की एक कोशिका की टेस्टिंग तस्करों के जुर्म का सबूत बन जाएगी। जूलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने नवीन तकनीक से दो सौ साल पुराने म्यूजियम सैंपल से दुनिया में पहली बार बिल्लियों का डीएनए सीक्वेंस निकाला है।

देखें, कैसे जंगली बिल्लियों के DNA से पकड़े जाएंगे शा‌तिर अपराधी

wild cat DNA help in arresting criminals.

इस पर अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के प्रोफेसर डेविड एलवी ने बधाई दी है और यूनिवर्सिटी में रखे 32 हजार सैंपलों की जांच के लिए न्यौता भी दिया है। वन्य जीव तस्कर बड़े पैमाने पर जंगली छोटी बिल्लियों का अवैध शिकार करके उनकी खालों और दूसरे अंगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेच रहे हैं।

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देखें, कैसे जंगली बिल्लियों के DNA से पकड़े जाएंगे शा‌तिर अपराधी

wild cat DNA help in arresting criminals.

बिल्लियों की खाल पकड़ी भी जाती हैं तो डीएनए सीक्वेंस उपलब्ध न होने से तस्करों के खिलाफ कोर्ट में कोई सुबूत नहीं बन पाता। हालत यह है कि वनों में जंगली छोटी बिल्लियों का डीएनए सैंपल निकालने के लिए उनके बाल, मल और दूसरे अंग मिलना मुश्किल हो रहे हैं।

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wild cat DNA help in arresting criminals.

इस स्थिति के मद्देनजर जूलोजिकल सर्वे आफ इंडिया ने म्यूजियम में संरक्षित दो सौ साल पुराने बिल्लियों के शवों से सैंपल लेकर उनका माइट्रोकोंड्रिया डीएनए स्टडी की और सीक्वेंस निकाला है। जंगली छोटी बिल्लियों के 10 सीक्वेंस नेशनल सेंटर ऑफ बायो इंफोर्मेटिक्स की वेबसाइट पर डाले जा चुके हैं।

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