झील की लहरों में फंसे पर्यटक: तेज तूफान चलने से मची अफरा तफरी, बोट चालक ने जान जोखिम में डालकर बचाए सैलानी, देखें तस्वीरें
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उन्होंने बताया कि इस दौरान बोटिंग कर रहे गुजरात के चार पर्यटक विकेंद्र सिंह, कमली देवी, कमल सिंह और सुमित्रा देवी तेज लहरों में फंस गए। पर्यटकों को मुसीबत में देख बोट चालक पवन दीप ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें किनारे लाकर बचाया।
बोट यूनियन के संरक्षक पंवार और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (टाडा) से मौके का निरीक्षण कर नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। इस बाबत पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने कहा कि तेज तूफान आने से कोटीकालोनी झील किनारे स्थित बोटिंग प्वाइंट पर बोटों को काफी नुकसान हुआ है। जल्द ही मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया जाएगा।
वहीं घनसाली टिहरी में भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र में मूलगढ़ गदेरा उफान पर आने से घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर करीब दो घंटे तक यातायात बंद रहा। मूलगढ़ गदेरे से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर जमा हो गया था, जिससे वाहनों का आवागमन न होने के कारण चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को दो घंटे वहीं सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
करीब दो घंटे बाद जेसीबी से मलबा साफ करने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू हुआ। तब जाकर वहां फंसे तीर्थयात्रियों ने अपने गंतव्य की ओर रुख किया। तीर्थयात्रियों को सड़क खुलने के इंतजार में दो घंटे तक वहीं वाहनों के अंदर बैठना पड़ा। लोनिवि घनसाली के ईई जगदीश सिंह खाती ने बताया कि जेसीबी से मलबा साफ कर शाम छह बजे मार्ग यातायात के लिए खुल गया है।
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