भारी बर्फबारी के चार दिन बाद भी पहाड़ी अंचलों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। अब भी कई गांव बर्फ के आगोश में पूरी तरह कैद हैं। वहीं, गत दो दिनों से हो रहे हल्के हिमपात के बीच पारा शून्य से नीचे चले जाने के कारण जल स्रोत पूरी तरह जम चुके हैं।
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Snowfall in Chakrata
- फोटो : NDJoshi/AmarUjala
ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में लोगों को बर्फ पिघलाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। दुर्गम में बसे लोखंडी-लोहारी गांव में कुल 60 परिवार निवास करते हैं। लेकिन एक सप्ताह पूर्व गांव को जाने वाली पेयजल लाइन टूट गई। ग्रामीण किसी तरह जल स्रोत से पानी का ढुलान कर रहे थे।
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चार फीट बर्फ
बीते शनिवार को हुई भारी बर्फबारी के बाद से गांव के आसपास चार से पांच फीट बर्फ जमी है। जल स्रोत पूरी तरह से जम चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों को बर्फ पिघलाकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
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Snowfall in Chakrata
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ग्रामीण रमेश चौहान, शेर सिंह चौहान, मोहन सिंह, श्याम सिंह आदि का कहना है कि क्षेत्र में मरोज का त्योहार शुरू हो चुका है। ऐसे में पानी के अभाव में दिक्कतें बढ़ गई हैं।
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सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में हो रही है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी गैरोला ने कहा कि रास्ता खुलने पर ही टीम का जल स्रोत पहुंचना मुमकिन हो सकेगा। तभी क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत की जाएगी।