बदरीनाथ हाईवे टंगणी में मलबा आने से करीब 13 घंटे तक बाधित रहा। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
हाईवे खोलने के लिए एनएचआईडीसीएल की जेसीबी पांच घंटे देरी से पहुंचीं जिससे भूखे-प्यासे तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार दोपहर में हाईवे खुलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।
Uttarakhand Weather: प्रदेशभर में कहीं बारिश तो कहीं छाए बादल, बोल्डर गिरने से बदरीनाथ और गंगोत्री हाईवे बंद
बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे क्षेत्र में तेज बारिश होने से बदरीनाथ हाईवे पर टंगणी में भारी मात्रा में मलबा आ गया। सुबह पांच बजे जैसे ही वाहनों की आवाजाही शुरू हुई तो यहां हाईवे बंद होने से वाहनों के पहिए थम गए। यहां एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) ने पांच घंटे बाद सुबह करीब दस बजे जेसीबी भेजी तो यहां मलबा हटाने का काम शुरू हो पाया।
जाम में फंसे नंदप्रयाग के तेजवीर कंडेरी ने बताया कि हाईवे बंद होने से तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से भूखे-प्यासे तीर्थयात्री हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। करीब ढाई घंटे तक मलबा हटाने के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे हाईवे सुचारु हो पाया जिसके बाद तीर्थयात्रा सुचारु हो पाई।
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बदरीनाथ हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
हाईवे बंद होने से बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों के वाहनों को पुलिस ने पाखी में ही रोक दिया गया था जिससे हाईवे पर सैकड़ों वाहनों की लंबी कतार लग गई। मूसलाधार बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया में मलबा आने से बार-बार बंद होता रहा। इस दौरान लोगों को सुबह पांच से 11 बजे तक आवाजाही में दिक्कत हुई।
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बदरीनाथ हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
मार्ग बंद रहने से वाहनों की कतारें लगती रहीं। कर्णप्रयाग के पास पंचपुलिया में सुबह पांच बजे मलबा और दलदल आने से वाहनों की आवाजाही 11 बजे तक प्रभावित होती रही। हालांकि इस दौरान एनएच जेसीबी की मदद से मलबा हटाते रहे। इस दौरान रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, देहरादून, दिल्ली तथा गोपेश्वर, चमोली व जोशीमठ जाने वाले वाहन जाम में फंसे रहे।
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बदरीनाथ हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
कर्णप्रयाग की ओर सब्जी, दूध आदि देर से पहुंची। बारिश से सिमली रोड पर कर्णप्रयाग में मलबा आने से दिक्कत हुई। अपर बाजार के अनिल खंडूड़ी, हरिकृष्ण भट्ट, सुभाष गैरोला आदि ने प्रशासन से कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे के किनारे भूस्खलन रोकने के लिए दीवारें बनाने की मांग उठाई।
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गंगोत्री हाईवे बंद
- फोटो : अमर उजाला
उधर, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंदरकोट के पास लगातार पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है। बीआरओ की मशीनें मौके पर पहुंच गई हैं, लेकिन पत्थर लगातार गिर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब पत्थर गिरने रुकेंगे तो हाइवे को खोलने का काम शुरु किया जाएगा।