उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद आज शनिवार को हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई। सुबह से ही गंगा का जलस्तर 293.05 मीटर पर चल रहा है जबकि वार्निंग लेवल 293 मीटर है। वहीं, बैराज की क्षमता 294 मीटर है।
साथ ही बारिश से नाले भी उफान पर चल रहे हैं। इससे हरिद्वार देहात के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। लालढांग मीठीबेरी में बने पुल की ठोकर में रवासन नदी कटाव करती जा रही है। जिससे कई गांवों में पानी भरने लगा है। यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ शिव कुमार कौशिक ने बताया कि गंगा के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद बैराज से अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ऋषिकेश में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम, तपोवन क्षेत्र में गंगा नदी घाटों से ऊपर होकर बह रही है।
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वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
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हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञानियों ने बारिश के साथ ही राज्य के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।