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रुद्रपुर हत्याकांड: 16 महीने बाद ऐसे खुला परिवार के चार लोगों की हत्या का राज, आरोपी दामाद का लालच बनी वजह
उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुई खौफनाक वारदात से हर कोई स्तब्ध है। दामाद ने अपने ही सास ससुर और सालियों को मौत के घाट उतार दिया। मामला तब खुला जब 25 अगस्त को आरोपी दामाद नरेंद्र गंगवार ग्राम पैगानगरी गया और बटाईदार कुंवर सेन से बटाई के रुपये देने को कहा था। कुंवर ने जब हीरालाल के बारे में जानकारी ली तो नरेंद्र ने लॉकडाउन में उनकी मौत होने और सास, दो सालियों के कहीं चले जाने की बात कही।
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- फोटो : अमर उजाला
नरेंद्र ने मीरगंज तहसील से हीरालाल का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश भी की। शक होने पर कुंवर सेन ने इसकी जानकारी हीरालाल के रिश्तेदार दुर्गा प्रसाद को दी। इन लोगों ने राजा कॉलोनी पहुंचकर मोहल्लेवासी महेश गंगवार, शिवप्रसाद गंगवार और अन्य लोगों से जानकारी की तो हीरालाल समेत उनके परिवार का कुछ पता नहीं चला था। इसके बाद ये लोग 27 अगस्त की रात पुलिस के पास पहुंचे।
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- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को पुलिस ने नरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने 20 अप्रैल 2019 की सुबह अपने किराएदार विजय गंगवार निवासी ग्राम दमखोदा थाना देवरनिया जिला बरेली के साथ मिलकर सास, ससुर और दो सालियों की हत्या करने की बात कबूली। इसके बाद मकान के आंगन की खुदाई की गई तो हीरालाल, हेमवती (55), दुर्गा (26) और पार्वती (20) के शव बरामद किए गए।
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- फोटो : अमर उजाला
कमरे के अंदर दफन किए गए चारों शवों को बाहर निकालने में पुलिस को करीब ढाई घंटे लग गए। मौके पर फोरेंसिक टीम के आने के बाद सैंपल लिए गए। खुदाई से लेकर पूरी जांच होने तक मौके पर आईजी (कुमाऊं) अजय रौतेला और एसएसपी दलीप सिंह कुंवर समेत बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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जमीन से शवों को बाहर निकालने के लिए तीन सौ रुपये की दिहाड़ी में आए विजय, रोहित, राजकुमार और रमेश पाल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। देर शाम को सभी शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था।
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