उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। कई जगह के नतीजे आ चुके हैं तो कहीं पर अभी भी मतगणना जारी है। जैसे-जैसे नतीजे आ रहे हैं कहीं खुशी का माहौल है तो कहीं मायूसी छाई है। तस्वीरों में देखिए...
पंचायत चुनाव परिणाम: कोई 22 साल से कायम रखे है सत्ता, तो किसी ने एक वोट से जीता संग्राम, तस्वीरें...
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उत्तराखंड के नैनीताल में विकास खंड का दूरस्थ चुकुम गांव ऐसा भी है, जहां पर पिछले 22 साल से पंचायत चुनाव में जसीराम के ही परिवार का कब्जा है। गांव के लोग भी इसी परिवार के सदस्यों को चुनते हैं और गांव के विकास की बागडोर इनके हाथ में सौंपते है। चुकुम निवासी जसीराम परिवार के मुखिया होने के चलते 1997 में पहली बार ढिकुली से क्षेत्र पंचायत सदस्य बने। इसके बाद 2003 में एससी सीट होने पर जसीराम चुकुम गांव के प्रधान बने। 2008 में सामान्य महिला सीट होने पर जसीराम ने अपनी पत्नी सुमित्रा देवी को प्रधान पद पर चुनाव लड़ाया और वह चुनाव जीतीं। इसके बाद सामान्य सीट पर 2014 में जसीराम एक बार फिर प्रधान बने। इस बार भी चुकुम गांव के मतदाताओं ने जसीराम के परिवार पर फिर से भरोसा दिखाया ।
गुजरात के वलसाड में जन्मे प्रवीण कुमार टम्टा को अभी मूल माटी लेपार्थी में पहुंचे ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन प्रवीण ग्रामीणों का दिल जीतकर प्रधान बन गए हैं। कंप्यूटर में दक्ष प्रवीण अब ग्रामीणों को उनके लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाना चाहते हैं। प्रवीण कुमार (25) के पिता मोहन टम्टा गुजरात में अग्निशमन विभाग में कार्यरत हैं। मोहन टम्टा गुजरात जाकर भी कभी अपने मूल गांव को नहीं भूले। कुछ समय पूर्व वह गांव में मकान बनाने आए। इसी बीच मकान के लिंटर से गिरकर वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए। प्रवीण पिता की देखरेख के लिए गांव पहुंचे। जब उन्होंने गांव को विकास में पिछड़ा देखा तो उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
धारचूला में बड़ी बहन प्रधान तो छोटी बनी बीडीसी
पिथौरागढ़ विकास खंड में बड़ी बहन प्रधान तो छोटी क्षेत्र पंचायत सदस्य की सीट पर निर्वाचित हुई हैं। इससे परिवार में उत्सव का माहौल है। सिमखोला गांव निवासी कल्पना नबियाल (24) पुत्री ईश्वर सिंह नबियाल पांगला से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन अंजू रोंकली रोकांग गांव की प्रधान चुनी गई हैं। कल्पना ने एमए उत्तीर्ण हैं। दोनों बहनों का कहना है कि वह अपने क्षेत्र के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगी।
लगातार तीसरी बार जिला पंचायत सदस्य बनीं रजनी भंडारी
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने लगातार तीसरी बार सलना जिला पंचायत वार्ड से जीत दर्ज की। रजनी भंडारी ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी महावीर रावत को भारी मतों से हराया। रजनी भंडारी पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी की पत्नी हैं। रजनी भंडारी वर्ष 2012 में चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। हालांकि वे एक ही साल अध्यक्ष पद पर रही थी। इससे पूर्व वर्ष 2003 से 2007 तक राजेंद्र भंडारी जिला पंचायत अध्यक्ष रहे थे।