फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन बनी संजीवनी, अक्तूबर में भी खूब खुशबू बिखेर रहा ब्रह्मकमल, तस्वीरें

Fri, 09 Oct 2020 11:42 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal प्रमोद सेमवाल, अमर उजाला, गोपेश्वर
प्रमोद सेमवाल, अमर उजाला, गोपेश्वर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 09 Oct 2020 11:42 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand news : corona guide line become  Sanjeevani for brahma kamal
ब्रह्मकमल - फोटो : अमर उजाला

उच्च हिमालय क्षेत्रों में 15 सितंबर तक खिलने वाला ब्रह्मकमल इस बार अक्तूबर में भी अपनी खुशबू बिखेर रहा है। 4750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित घी विनायक, नंदीकुंड पांडवसेरा में अभी भी हजारों की संख्या में ब्रह्मकमल खिले हैं।

uttarakhand news : corona guide line become  Sanjeevani for brahma kamal
ब्रह्म कमल

कोरोना संक्रमण के लिए बनी गाइडलाइन ने भी ब्रह्मकमल के लिए संजीवनी का काम किया है, जो इस दुर्लभ प्रजाति के लिए शुभ संकेत है। इस बार बुग्यालों में मानवीय आवाजाही न होने से ब्रह्मकमल का दोहन नहीं हो पाया।

uttarakhand news : corona guide line become  Sanjeevani for brahma kamal
ब्रह्मकमल - फोटो : amar ujala

ट्रेकिंग पर गए पर्यटक ब्रह्मकमल को परिपक्व होने से पहले ही तोड़ देते थे, जिससे उसका बीज नहीं फैल पाता था। इस बार फूल पूरी तरह से पक चुके हैं, और इसका बीज गिरने पर अगले वर्ष ब्रह्मकमल की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन
uttarakhand news : corona guide line become  Sanjeevani for brahma kamal
ब्रह्मकमल - फोटो : amar ujala

केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के उपवन संरक्षक अमित कंवर ने बताया कि ब्रह्मकमल की पैदावार 15 सितंबर तक ही रहती है, लेकिन इस बार अभी तक हिमालय क्षेत्रों में ब्रह्मकमल खिला हुआ है। नंदीकुंड के इर्द-गिर्द अभी भी हजारों की संख्या में ब्रह्मकमल खिला हुआ है।

विज्ञापन
uttarakhand news : corona guide line become  Sanjeevani for brahma kamal
ब्रह्मकमल - फोटो : amar ujala

ब्रह्मकमल के कई औषधीय उपयोग भी हैं। जले-कटे में, सर्दी-जुकाम, हड्डी के दर्द आदि में इसका उपयोग किया जाता है। इसे सुखाकर कैंसर रोग की दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे निकलने वाले पानी को पीने से थकान मिट जाती है। पुरानी खांसी भी काबू हो जाती है। सीमा क्षेत्र में रहते वाले ग्रामीण गांव में रोग-व्याधि न हो, इसके लिए पुष्प को घर के दरवाजों पर टांग देते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed