गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब में मर्यादा के विरुद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। हजारों की तादाद में आक्रोशित संगत मंगलवार को गुरुद्वारा साहिब पहुंची और प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। संगत ने बैठक कर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान और कार्यवाहक महासचिव के इस्तीफे एवं प्रबंधक को बर्खास्त करने की मांग की।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से नियुक्त तीन सदस्यीय कमेटी ने गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर संगत और पदाधिकारियों से बातचीत की और मामले की जानकारी ली। खबर लिखे जाने तक गुरुद्वारा साहिब पर संगत डटी हुई थी।
उधर, सिख संगत की पंचायत में शामिल होने आ रहे यूपी के सिख समाज के लोगों को कोरोना जांच के लिए हल्दीघेरा बॉर्डर पर रोके जाने से समाज के लोगों में भारी आक्रोश है। नानकमत्ता गुरुद्वारा में आयोजित पंचायत में शामिल होने के लिए यूपी से भारतीय सिख समाज संगठन के अध्यक्ष जसवीर सिंह विर्क के नेतृत्व में लखीमपुर, शाहजहांपुर, खुटार, लखनऊ, पलिया, पूरनपुर, शेरामऊ, गोला गोर्कणनाथ, पीलीभीत, बरेली आदि जगहों से हजारों की संख्या में चार पहिया वाहनों से सिख लोग हल्दीघेरा बॉर्डर पर पहुंचे। वहां पुलिस व 31 एफ बटालियन ने कोरोना जांच के लिए रोका तो सिख संगठन के लोग भड़क गए और जांच न कराने पर अड़ गए।
मामले को लेकर पुलिस से झड़प होने लगी। सिख समाज के लोग प्रदर्शन और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए जिससे खटीमा मार्ग पर जाम लग गया।
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बॉर्डर पर हंगामा करती संगत
- फोटो : अमर उजाला
बॉर्डर पर लगभग डेढ़ घंटे के जाम से यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। एसएसपी डीएस कुंवर का कहना है कि नानकमत्ता गुरुद्वारे में हुआ विवाद कमेटी का अंदरूनी मामला है। इसे कमेटी स्तर से ही निपटाया जाना है। बाहर से आई टीम इसकी जांच कर रही है। सुरक्षा की दृष्टि से गुरुद्वारे में पर्याप्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मामला जल्द सुलझ जाएगा।
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बॉर्डर पर हंगामा करती संगत
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में सिख संगत गुरुद्वारा साहिब पहुंची और बाबा अलमस्त दीवान हाल में बैठक की। इसमें गुरुद्वारा साहिब में मर्यादा के विरुद्ध किए गए कार्यों के लिए प्रधान सेवा सिंह, कार्यवाहक महासचिव धन्ना सिंह से इस्तीफे, प्रबंधक रणजीत सिंह को बर्खास्त करने एवं धार्मिक डेरा कारसेवा के बाबा को हटाने की पुरजोर मांग की गई। संगत की ओर से पदाधिकारियों को दीवान हाल में आकर अपना पक्ष रखने के लिए दोपहर दो बजे तक का समय दिया गया।
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बॉर्डर पर हंगामा करती संगत
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए पांच सदस्यों को भी भेजा गया। सदस्यों ने लौटकर बताया कि पदाधिकारियों ने दीवान हाल में आने से मना कर दिया। इससे माहौल गरमा गया। लेकिन सरमायेदारों ने मामले को संभाल लिया। दीवान हाल में सिर्फ प्रबंधक कमेटी के 11 सदस्य पहुंचे थे जिन्होंने संगत के साथ होने की बात कही। दीवान हाल में चली बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिबान ज्ञानी हरप्रीत सिंह की ओर से मर्यादा के विरुद्ध किए कार्यों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह के नेतृत्व में हेड प्रचारक ज्ञानी सर्बजीत सिंह व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की प्रचार कमेटी के अजीत सिंह भी पहुंच गए।
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गुरुद्वारा पहुंची आक्रोशित संगत
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जांच कमेटी के सदस्यों ने कहा कि मर्यादा के विरुद्ध किए गए कार्यों की जांच कर रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को सौंपी जाएगी। कहा कि संगत प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ लिखित कार्रवाई का पत्र दे। देर शाम तक पत्र लिखने की कार्रवाई जारी थी। बैठक को जगदीश सिंह औलख, बीवी तजिंदर कौर, मनजीत सिंह गोलापार, संतोख सिंह आदि ने भी संबोधित किया। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सिख संगत के अध्यक्ष जसवीर सिंह विर्क, सतवंत सिंह बागी व प्रीतपाल सिंह ने संचालन किया।