हरिद्वार में बुधवार को मूसलाधार बारिश के बाद गंगा के साथ ही बरसाती नदियां भी उफान पर बहने लगी। सूखी नदी में पानी बढ़ने से खड़खड़ी रपटे में खड़ी कार बहकर हरकी पैड़ी के पास कांगड़ा घाट पहुंच गई। गंगा में कार बहते देख लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि कार में उस समय कोई सवार नहीं था। गंगा में भारी सिल्ट आने और जलस्तर 292.49 मीटर पहुंचने पर बैराज के सभी गेट खोल दिए गए और गंगनहर को बंद करना पड़ा।
ऋषिकेश: भारी बारिश के बाद काटल गांव में फटा बादल, उफान पर गंगा और सहायक नदियां, अलर्ट जारी, तस्वीरें...
मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया था। बुधवार सुबह से हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर 292 मीटर चल रहा था। गंगनहर में छह हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर करीब एक बजे मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। सूखी नदी के अलावा गंगा में गिरने वाले नाले उफना गए। खड़खड़ी में सूखी नदी के रपटे में खड़ी कुलदीप नगर पुराना औद्योगिक क्षेत्र पानीपत निवासी नरेंद्र कुमार की कार बहकर हरकी पैड़ी के निकट कांगड़ा घाट पहुंच गई।
जानकारी के अनुसार नरेंद्र कुमार घूमने हरिद्वार आए थे और वहीं एक होटल में रुके थे। उनकी कार रपटे के पास खड़ी थी। कार के बहकर कांगड़ा घाट पहुंचने पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस ने जल पुलिस की मदद से कार को किनारे लाकर क्रेन की मदद से बाहर निकाला।
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गंगा में बही कार
- फोटो : अमर उजाला
बैराज कंट्रोल रूम के मुताबिक शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 292.40 मीटर रहा। सिल्ट कम होने के बाद रात आठ बजे गंगनहर में पानी छोड़ा गया। बैराज के वाटर एकाउंट असिस्टेंट निर्भय भारद्वाज के मुताबिक पहाड़ों में बारिश होने पर गंगा का जलस्तर कम ज्यादा हो रहा है। सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
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गंगा में बही कार
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को शहर से लेकर देहात तक बादल लोगों के लिए आफत बनकर बरसे। दोपहर के समय कुछ घंटे की बारिश के बाद सभी सड़कें, बाजार और कालोनियां जलमग्न हो गई। कई जगह पर लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया। भगत सिंह चौक और ज्वालापुर अंडर पास पर कई फीट पानी भरने से आवाजाही बाधित रही। ज्वालापुर अंडर पास पर तो बैरियर लगाकर यातायात रोकना पड़ा। ज्वालापुर और कनखल में नगर निगम को पंप लगाकर पानी की निकासी करानी पड़ी। शाम को चार बजे के बाद पानी उतरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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हरिद्वार में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार में दोपहर को एक बजे एकाएक बारिश शुरू हो गई। एक से ढाई बजे तक झमाझम बारिश हुई। तेज बारिश के बाद लोगों को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन जलभराव से मुश्किलें बढ़ गई। डेढ़ घंटे की तेज बारिश के देखते ही देखते शहर की प्रमुख सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। कई जगह नाले चोक होकर गंदगी सड़कों पर बहने लगी। बाजार और कालोनियों में घुटनों तक का पानी भर गया।
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हरिद्वार में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक और ज्वालापुर में पानी भरने से सबसे ज्यादा दिक्कतें हुई। इसके अलावा कनखल, उत्तरी हरिद्वार, मध्य हरिद्वार, भूपतवाला, खड़खड़ी, नया हरिद्वार, कृष्णानगर जगह पर दुकानों और घरों में पानी भरने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। ज्वालापुर और कनखल के कई क्षेत्रों में अधिक जलभराव होने की सूचना पर नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने निरीक्षण किया। यहां भरने पानी को निकालने के लिए पंप लगाने पड़े। शाम चार बजे तक भी रुक रुककर हल्की बारिश होती रही।