सैनिटाइज करने पहुंचे तीन कर्मचारियों और सफाई नायक के साथ एक गली के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। विरोध करने पर छत से एक कर्मचारी के ऊपर महिला ने गमला फेंक दिया। उसने भागकर जान बचाई। सूचना मिलते ही सभी सफाईकर्मी मौके पर पहुंचे और हंगामा कर दिया।
Uttarakhand Lockdown: सैनिटाइज करने पहुंचे सफाईकर्मियों से मारपीट, भागकर बचाई जान
- नाले की सफाई बाद में करने की बात कहने पर गली के तीन लोगों ने की मारपीट
- भड़के सफाईकर्मियों ने काम ठप कर पुलिस की मौजूदगी में एक व्यक्ति को पीटा
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कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए नगर निगम की ओर से गली, मोहल्ले को सैनिटाइज करवाया जा रहा है। शनिवार शाम करीब तीन बजे तीन सफाई कर्मचारी रोहित, अमन और शक्ति जादूगर रोड पर गुरुद्वारे के पीछे वाली गली में सैनिटाइज करने पहुंचे। इसी बीच गली के एक व्यक्ति ने नाली सफाई नहीं होने की बात कही।
कर्मचारियों ने कहा कि नाली भी साफ कर देंगे, लेकिन अभी कोरोना के चलते शहर को सैनिटाइज किया जा रहा है। आरोप है कि इस पर व्यक्ति ने कर्मचारियों से अभद्रता और मारपीट कर दी। कर्मचारियों ने विरोध किया तो दो पड़ोसी और आ गए। तीनों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी।
कर्मचारियों ने सूचना सफाई नायक दिनेश पिंकी को दी। दिनेश मौके पर पहुंचे तो आरोप है कि तीनों ने सफाई नायक से भी मारपीट कर दी। इसके बाद तीनों अपने घरों में घुस गए। मारपीट का विरोध करने पर सफाई कर्मचारियों ने हंगामा किया तो एक महिला ने छत से गमला फेंक दिया। कर्मचारी से भागकर अपनी जान बचाई।
मारपीट की सूचना पर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी गली में पहुंचे और हंगामा कर दिया। कुछ ही देर में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस ने मारपीट करने वाले एक व्यक्ति को घर में घुसकर हिरासत में लिया और बाहर ले आई।
बाहर आते ही कर्मचारियों ने उससे मारपीट कर दी। किसी तरह पुलिस ने उसे बचाकर कोतवाली पहुंचाया। तब तक सफाईकर्मी सफाई व्यवस्था बंद कर गली के बाहर जुट गए। सूचना मिलते ही मेयर गौरव गोयल, विधायक देशराज कर्णवाल भी मौके पर पहुंचे और विवाद शांत करवाने का प्रयास किया।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की तहरीर मिलते ही केस दर्ज किया जाएगा। इस दौरान एसएसआई प्रदीप कुमार, एसआई रविंद्र सिंह, एसआई अंकुर शर्मा समेत सिपाही प्रवीन कुमार, सचिन कुमार, विनोद चपराना और लईक अहमद समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाला और किसी तरह मामला शांत किया।
मारपीट से नाराज सफाई कर्मचारी कूड़े के वाहन गली के बाहर लेकर पहुंच गए। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे हंगामा करते रहे। कर्मचारियों ने कूड़े से भरी गाड़ी को गली के बाहर पलटने का प्रयास किया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कूड़ा डालने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसे लेकर कर्मचारियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई।
बाद में सफाई कर्मचारी कूड़े के वाहन लेकर लौट गए। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक सफाई कर्मियों ने हंगामा किया। हंगामे के दौरान मौके पर पहुंचे पार्षद वीरेंद्र गुप्ता से कर्मचारियों ने मारपीट कर दी। कर्मचारियों का कहना था कि पार्षद कॉलोनी के लोगों का पक्ष ले रहे हैं। कर्मचारियों ने पार्षद पर डंडे से हमला कर दिया। मुश्किल से लोगों ने उन्हें बचाया।