उत्तराखंड के काशीपुर में पिता और भाई की क्रूरता का शिकार हुई नाजिया को भले ही जिंदगी में लंबे समय तक प्रेमी का साथ न मिल पाया हो लेकिन मरने के बाद दोनों को अगल-बगल दफनाया गया। दोनों के जनाजे अल्ली खां स्थित रहमतशाह बाबा के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किए गए।
बेटी के हत्यारोपी मुजम्मिल का परिवार करीब 10 साल पहले शरीफनगर (ठाकुरद्वारा) से आकर काशीपुर के मोहल्ला अल्ली खां में बसा था। उसकी ससुराल भी इसी मोहल्ले में है। उसने काशीपुर में खेती की जमीन लेकर काश्तकारी शुरू की। मुजम्मिल के घर से एक गली के फासले पर कमरूद्दीन का परिवार रहता है। परिवार में तलाकशुदा बेटी समेत एक पुत्री और पांच पुत्र हैं।
मोहल्ले के नाते दोनों परिवारों के बीच खूब मेलजोल था। स्कूल टाइम से ही नाजिया और राशिद एक-दूसरे के करीब आ गए थे। तीन साल पहले राशिद रोजगार के सिलसिले में सऊदी चला गया था लेकिन नाजिया से उसका संपर्क बना रहा। लॉकडाउन से पहले राशिद अपने घर लौट आया।
वह बाजपुर रोड पर टायर के शोरूम में काम करने लगा। इसी दौरान नाजिया के भाई मोहसिन से दोस्ती के बहाने राशिद का नाजिया के घर आना-जाना बढ़ गया। अप्रैल में दोनों घर से फरार हो गए। तभी से नाजिया के पिता और भाई ने दोनों की हत्या करने का मंसूबा पाल लिया।
नाजिया के परिजनों ने उसके राशिद के साथ भागने पर राशिद के खिलाफ रिपोर्ट तक नहीं की और इसे लेकर पूरी तरह से चुप्पी साध गए। काफी इंतजार करने के बाद भी जब प्रेमी युगल नहीं लौटा तो नाजिया के पिता ने दूसरी चाल चली और सब कुछ भुला देने की बात कहकर नाजिया और राशिद को वापस बुलाकर सोमवार की रात को सुनियोजित साजिश के तहत दोनों की हत्या कर दी।