मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की कांग्रेस हाईकमान के पास हाजिरी के बाद कुछ दिन तक सरकार और प्रदेश संगठन के बीच बनी शांति एक बार फिर भंग हो गई।
सोनिया के नाम पर कांग्रेस में दबाई जा रही पदाधिकारियों की आवाज
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मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की कांग्रेस हाईकमान के पास हाजिरी के बाद कुछ दिन तक सरकार और प्रदेश संगठन के बीच बनी शांति एक बार फिर भंग हो गई। अब संगठन के कई आला पदाधिकारियों ने सीधे-सीधे सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम पर धमकाया जा रहा है।
संयुक्त बयान जारी कर इन पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल पर भी निशाना साधा और संवैधानिक पद पर रहते हुए पार्टी संगठन पर उंगली उठाने का आरोप लगाया। साथ ही पीडीएफ के नाम पर संगठन को हाशिये पर धकेलने की बात भी कही।
इधर, प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति क्यों पैदा हुई आज हरिद्वार में होने वाली बैठक में स्पष्ट किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार का कहना है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है, सभी अपने सुझाव दे सकते हैं।
रविवार को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एसपी सिंह, साहित्य संवर्द्धन कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. आनंद सुमन सिंह, मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी, महामंत्री तरुण पंत, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. आरपी रतूड़ी, हरिकृष्ण भट्ट, मनीष कर्णवाल, दीपक बलूटिया, सुरेश गौरी और सरिता नेगी ने संयुक्त बयान जारी किया। इन्होंने राज्य सरकार में शामिल निर्दलीय विधायकों के बार-बार कांग्रेस संगठन के बारे में की जा रही टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।