उत्तराखंड के चमोली में बीते रविवार (सात फरवरी) को आई आपदा के एक हफ्ते बाद रेस्क्यू टीमों को शवों के निकलने में सफलता मिली है। सुरंग से इतने दिन बाद जैसे-जैसे शव मिल रहे हैं वैसे-वैसे रेस्क्यू टीमों के साथ ही लापता लोगों के परिजनों की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं। सुरंग के अंदर से शाम तक पांच लोगों के शव मिल चुके हैं। वहीं कुल मृतकों की संख्या 50 हो चुकी है।
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सुरंग के अंदर से शव मिले
- फोटो : अमर उजाला
रैणी और तपोवन क्षेत्र से अब तक 38 शव बरामद हुए हैं। सुरंग में फंसे 30 लोगों को निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरफ की टीमें लगातार मलबा निकलाने में लगी हुई हैं। सुरंग से मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। ड्रील का काम भी बंद कर दिया गया है।
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सुरंग के अंदर से शव मिले
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वहीं, सुरंग से शव मिलने के बाद जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बैराज साइट का निरीक्षण किया। वहीं, उन्होंने टीम के साथ टनल के अंदर जाकर भी हालात का जायजा लिया।
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बैराज साइट का जायजा लेतीं डीएम
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डीएम के साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी मौजूद रहीं। डीएम का कहना है कि तलाश अभियान तेजी से चल रहा है। बैकअप में सातएंबुलेंस, पोस्टमार्टम टीम और एक हेलीकॉप्टर भी रखा गया है। अगर कोई भी व्यक्ति जिंदा बरामद किया जाता है तो उसे तुरंत उपचार देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है।
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बैराज साइट के पास तैनात टीमें
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जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह मिले दोनों शव उत्तराखंड के निवासी थे। शवों की शिनाख्त अनिल सिंह निवासी कालसी और आलम सिंह निवासी लोयर गांव, गुल्लर घाटी के रूप में हुई है। आलम सीनियर इलेक्ट्रॉशियन था, जबकि अनिल वेल्डर था। अन्य लोग सुरंग से कुछ दूर हो सकते हैं। तलाशी अभियान जारी है।