उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा के बाद बनी झील के आसपास गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्यूडीए (क्विक डिप्लोयबेल एंटीना) स्थापित कर दिया गया है। इस सिस्टम को देहरादून स्थित सचिवालय के कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। अब वहां पर मौजूद एसडीआरएफ के जवानों और अधिकारियों से भी लागातर वीडियो संवाद किया जा रहा है। एसडीआरएफ मुख्यालय ऋषिगंगा के मुहाने पर बनी झील की लाइव तस्वीरें मिलने लगी है। इससे झील की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस प्रणाली में सेटेलाइट के माध्यम से लाइव वीडियो ऑडियो प्राप्त किए जाते हैं। झील को खाली कराने के लिए आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवानों के साथ अब स्थानीय ग्रामीण भी मोर्चे पर उतरेंगे। सरकार की कोशिश झील को पूरी तरह से खाली करने की है। लेकिन दिक्कत वाली बात यह है कि झील से पानी के रिसाव बढ़ाने के लिए उसके चैनल से मलबा हटाने का कार्य सुबह के समय केवल दो घंटे ही चलाया जा सकता है। तापमान बढ़ने पर मलबे में पांव धंसने से रिसाव बढ़ाने का कार्य उतनी तेजी से नहीं हो पा रहा है। सोमवार को केंद्रीय गृह सचिव ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से झील के बारे में अब तक की प्रगति की जानकारी ली।
ऋषिगंगा में बनी झील पर 24 घंटे ऐसे रखी जा रही नजर, खाली कराने में जवानों के साथ मोर्चे पर उतरेंगे स्थानीय ग्रामीण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 22 Feb 2021 11:28 PM IST
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