{"_id":"60215803b59f31245f2076a1","slug":"uttarakhand-chamoli-glacier-burst-news-disaster-affected-people-in-fear-and-stay-night-in-jungle","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Glacier Burst: आंखों के सामने सैलाब में समा गए अपने, खौफजदा ग्रामीणों ने जंगल में बिताई रात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Glacier Burst: आंखों के सामने सैलाब में समा गए अपने, खौफजदा ग्रामीणों ने जंगल में बिताई रात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ (चमोली)
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 08 Feb 2021 09:16 PM IST
विज्ञापन
1 of 7
चमोली आपदा से खौफ में ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
हमेशा शांत बहने वाली ऋषिगंगा के रौद्र रूप को देख ग्रामीण खौफजदा हैं। रैणी वल्ला, रैणी पल्ला और जुग्जु गांव के ग्रामीणों के 120 परिवार नदी के सैलाब से इतना डर गए कि वे रात में भी अपने घरों में नहीं गए। उन्होंने रविवार की रात जंगलों में टेंट लगाकर बिताई। सोमवार को भी दिनभर अपने गांव में रहने के बाद ग्रामीण रात को टेंटों में चले गए।
2 of 7
चमोली आपदा से खौफ में ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों को ग्लेशियरों के बीच से फिर पानी का सैलाब आने की आशंका है। रैणी गांव के मुरली सिंह और पूरण सिंह का कहना है कि ऋषिगंगा की बाढ़ से रैणी गांव भी पूरी तरह खतरे की जद में आ गया था, लेकिन गांव के ठीक सामने चट्टान ने सैलाब का रुख मोड़ दिया, जिससे गांव तो बच गया, लेकिन अभी भी सैलाब को देख सदमे में हैं।
3 of 7
चमोली में आपदा के बाद का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
छुमा देवी, रमा देवी, श्यामा देवी और अषाड़ी देवी ने कहा कि ऐसी जलप्रलय पहली बार देखी। हमें घरों में भी भय लग रहा है। हम एक रात भी अपने घरों में बिताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि फिर कोई ऐसा सैलाब न आ जाए, जो गांव को ही बहा ले जाए। गांव के गुड्डू राणा का कहना है कि जलप्रलय के बाद से लोग सकते में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
chamoli disaster
- फोटो : amar ujala
आपदा में रैणी और आसपास गांव के पांच लोग बह गए, जिसमें किसी ने बेटा खो दिया तो किसी की आंखों के सामने उसका भाई ऋषिगंगा में समा गया। बुजुर्ग दादी भागकर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंच पाई और देखते ही देखते नजरों से ओझल हो गईं। रैणी सहित आसपास के गांवों में मातम छाया हुआ है। परिजनों ने भरी आंखों से उस मंजर को बयां किया जब वह देखते रह गए और उनके सामने परिजन नदी की आगोश में चले गए।
विज्ञापन
5 of 7
आपदा के बाद रैणी गांव
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को ग्लेशियर फटने से ऋषिगंगा में आई बाढ़ ने रैणी गांव को कभी न भूलने वाले जख्म दे दिए। रैणी गांव के गौरव सिंह ने डबडबाती आवाज में बताया कि वह अपनी दादी अमृता देवी (72) के साथ पुल के पास खेत में काम कर रहे थे। अचानक से नदी में उफान आया तो वह कुछ समझ नहीं पाए। वह वहां से भाग गया लेकिन बुजुर्ग दादी तेज नहीं भाग पाई और मेरी नजरों के सामने नदी में समा गई।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।