टिकट और जनता के बीच पैठ बनाने के लिए इन दिनों दावेदार नेता अपने फेसबुक पेज को बूस्ट करने के साथ ही लाइक और व्यूज बढ़ाने में जुटे हैं। इसके लिए फेसबुक उन्हें काफी कम खर्च में मंच उपलब्ध करा रहा है। इस बार विधानसभा चुनाव से पहले ही फेसबुक प्रचार जोर-शोर से जारी है।
देखिए कैसे विधानसभा चुनाव के दावेदारों ने FB को बनाया अपना हथियार
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‘उत्तराखंड में कमल खिलाने आए हैं’, ‘अबकी बार आपकी सरकार’... ऐसे तमाम स्लोगन के साथ फेसबुक पर अलग-अलग विधानसभा के दावेदारों के प्रायोजित पेजों की बहार हैं। इसमें न केवल दावेदार बल्कि स्थापित नेताओं के एफबी पेज भी शामिल हैं।
खास बात यह है कि फेसबुक की ओर से नेताओं को एक ऐसा मंच दिया जा रहा है, जिससे उन्हें पहले ही यह भी बता दिया जाता है कि उनकी विधानसभा में कितने फेसबुक यूजर्स हैं जो कि राजनीति में रुचि रखते हैं।
इन सभी यूजर्स के पास यह प्रायोजित पेज पहुंच जाता है। इस आधार पर प्रत्याशी या दावेदार अपने प्रोफाइल को फेसबुक पर बूस्ट करने के साथ ही लाइक भी बढ़वा लेते हैं। कई प्रत्याशियों के लाइक तो हजारों की संख्या पार कर गए हैं।
फेसबुक का गणित भी अजब है। चूंकि देहरादून में फेसबुक यूजर्स ज्यादा हैं, लिहाजा यहां अपना प्रचार-प्रसार कराना महंगा है। मसलन, अगर धर्मपुर विधानसभा में आपके पेज को एक लाइक मिलेगा तो सीधे आठ रुपये आपके खाते से कट जाएंगे।