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अमेरिका में किया था ट्रंप का विरोध, कड़ी मेहनत के बाद मिला दो करोड़ का पैकेज

Tue, 02 May 2017 02:18 PM IST
ब्यूरो/ अमरनाथ, हल्द्वानी
ब्यूरो/ अमरनाथ, हल्द्वानी Updated Tue, 02 May 2017 02:18 PM IST
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Two youth from haldwani become good position in america
gaurav mishra - फोटो : amarujala

इस भारतीय युवा ने अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की एच 1 बी वीजा को लेकर नीति का विरोध किया था। इसने कड़ी मेहनत के बाद अमेरिका में बड़ा मुकाम हासिल किया है, गूगल कंपनी में दो करोड़ रुपये का पैकेज ले रह‌ा है।

Two youth from haldwani become good position in america
gaurav mishra - फोटो : amarujala

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की परदेसी युवाओं को रोकने की कोशिश के बावजूद हल्द्वानी के युवा भी अमेरिका में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। हल्द्वानी के गौरव मिश्रा को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में गूगल के प्रोजेक्ट हेड का पद मिला है तो उनके भाई अनुराग मिश्रा को ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी एमेजॉन में प्रोग्राम हेड की जिम्मेदारी मिली है। 
पिता की तरह गौरव में भी नेतृत्व की क्षमता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की एचवनबी वीजा नियमों को कड़ा करने की नीति का हाल ही में गूगल हेडक्वार्टर में विरोध हुआ था, जिसमें काफी संख्या में भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने हिस्सा लिया था। ट्रंप की नीति से बेखौफ गौरव का कहना है कि इस नीति से भारतीय पेशेवरों को अलग रखना जाना चाहिए।

Two youth from haldwani become good position in america
ganesh mishra - फोटो : amarujala

हल्द्वानी एमबी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे डॉ. गणेश मिश्रा ने खुद डीलिट की उपाधि हासिल कर अपने दो बेटों को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में प्रमुख पदों पर पहुंचाया है। उत्तराखंड संपत्ति विभाग के मुख्य व्यवस्था अधिकारी रहे हल्द्वानी निवासी डॉ. गणेश मिश्रा ने बताया कि उनके 32 साल के बेटे गौरव मिश्रा को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में बहुराष्ट्रीय सॉफ्टवेयर कंपनी गूगल के प्रोजेक्ट हेड की जिम्मेदारी मिली है।
नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज से सीनियर सेकेंडरी और फिर अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद इस युवा इंजीनियर को याहू और डिजिलैंट में भी काम करने का मौका मिल चुका है। अब उनको गूगल में डेढ़ करोड़ रुपये सालाना का पैकेज मिला है। 

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anurag mishra - फोटो : amarujala

गौरव के ही छोटे भाई अनुराग मिश्रा को ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी एमेजॉन में प्रोग्राम हेड का दायित्व मिला है। उन्हें कंपनी ने दो करोड़ सालाना का पैकेज दिया है। अनुराग ने भी सेंट जोसेफ नैनीताल से पढ़ने के बाद टेक्सास यूनिवर्सिटी से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

अब 30 साल की उम्र में उन्हें बड़ा पैकेज मिला है। अनुराग को 18 साल की उम्र में ही आईआईटीयंस और नॉन आईआईटीयंस के बीच हुई प्रतियोगिता में देश में चैंपियन चुना गया था। उसी समय मॉइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने अनुराग को नौकरी का बड़ा ऑफर दिया था। गौरव और अनुराग को अब ग्रीन कार्ड भी मिलने वाला है। इनका सबसे छोटा भाई वरुण मिश्रा भी सेन होजे यूनिवर्सिटी कैलिफोर्निया में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।

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gaurav grand father - फोटो : amarujala

डॉ. गणेश मिश्रा के 93 वर्षीय पिता श्रीनिवास मिश्रा हल्द्वानी में जानेमाने योग गुरु हैं। उनकी पत्नी डॉ. प्रतिभा मिश्रा एक्साइज विभाग में संयुक्त आयुक्त रह चुकी हैं। डॉ. गणेश मिश्रा खुद टूरिज्म एंड नेशनल इंटिग्रेशन पुस्तक लिख चुके हैं। वह एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में 1970 में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे और तीन बार नैनीताल यूनिवर्सिटी की कार्य परिषद के सदस्य भी रहे। 

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