एक मार्च से ट्रेन कोचों में यह जरूरी चीन नहीं दिखेगी। दरअसल, रेलवे बोर्ड की ओर से एक मार्च से नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
{"_id":"5a87ae1a4f1c1bc83b8b73df","slug":"this-train-service-will-end","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एक मार्च 2018 से पैसेंजर्स को ट्रेन कोचों पर नहीं मिलेगी ये जरूरी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक मार्च 2018 से पैसेंजर्स को ट्रेन कोचों पर नहीं मिलेगी ये जरूरी सुविधा
भूपेंद्र राणा, अमर उजाल, देहरादून
Updated Sun, 18 Feb 2018 08:04 AM IST
विज्ञापन
Shatabdi, Rajdhani,
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेमो
- फोटो : डेमो
ट्रेनों के कोच पर अब रिजर्वेशन चार्ट नहीं चिपकाए जाएंगे। रेल यात्रियों को ट्रेन में बैठने से पहले स्टेशन के डिस्प्ले चार्ट पर ही ट्रेन का कोच व सीट नंबर देखना होगा। कागज पर होने वाले खर्च को कम करने के लिए रेलवे बोर्ड ने यह फैसला लिया है। जिसमें पायलट प्रोजेक्ट रूप में रेलवे के सभी जोनों में ‘ए’ व ‘बी’ श्रेणी के स्टेशनों को शामिल किया गया है।
memu train
- फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में बोर्ड की निदेशक यात्री विपणन शैली श्रीवास्तव की तरफ से सभी रेल जोन को आदेश जारी किए गए हैं। जिसमें एक मार्च 2018 से सभी ए-1, ए व बी श्रेणी के स्टेशनों से चलने वाली किसी भी ट्रेन के कोच पर रिजर्वेशन चार्ट नहीं चिपकाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेलवे
- फोटो : amar ujala
फिलहाल यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छह माह के लिए निर्धारित की गई है। रेल यात्रियों की ओर से अच्छा रिस्पांस और कागज पर होने वाले खर्च में कमी आने पर रेलवे बोर्ड की इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने की योजना है। हैरिटेज देहरादून रेलवे स्टेशन भी ए-1 श्रेणी में शामिल है। बोर्ड ने सभी जोन को आदेश दिए कि स्टेशन पर ही इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंटेड डिस्प्ले बोर्ड पर ही रिजर्वेशन चार्ट लगाया जाए।
विज्ञापन
रेलवे
- फोटो : amar ujala
रेलवे बोर्ड ने पहले प्रयोग के तौर पर नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन, बॉम्बे सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, हावड़ा व स्यालदा स्टेशन पर कोच पर रिजर्वेशन चार्ट न लगाने का तीन महीने का ट्रायल किया। रेलवे बोर्ड का यह ट्रायल कामयाब रहा। बोर्ड की ओर से आरक्षित टिकटों का मैसेज यात्रियों के मोबाइल पर भेजा जाता है।