नैनीताल जिले में मुक्तेश्वर में सैकड़ों की तादाद में संतान सुख के लिए महिलाएं पहुंचती है। यहां महिलाएं चट्टान पर बने छिद्र को पार करती हैं।
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इस चट्टान के बीच से निकलने पर भगवान शिव देते हैं संतान प्राप्ति का वरदान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 06 Aug 2018 08:40 AM IST
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chauli ki jali
- फोटो : amar ujala
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चौली की जाली नामक इस स्थान पर सुरक्षा के कोई इंतजाम न होते हुए भी महिलाएं आस्था से इसे पार कर जाती हैं। यही नहीं शिवरात्रि के मौके पर आसपास के गांव सहित कई क्षेत्रों से तमाम लोग इस स्थान के दर्शन करना नहीं भूलते।
बच्ची का जन्म
- फोटो : अमर उजाला
मान्यता है कि यदि शिवरात्रि के दिन संतान सुख की कामना के साथ कोई महिला इस पत्थर पर बने छेद को पार करती है तो उसे अवश्य की संतान सुख मिलता है। नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय महिला ने बताया की विवाह के आठ साल बीतने के बाद भी उसे संतान सुख नहीं मिला।
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महाशिवरात्रि
- फोटो : amar ujala
गांव की ही एक अन्य महिला के कहने पर उसने शिवरात्रि के एक दिन पूर्व मुक्तेश्वर महादेव के मंदिर में पूजा अर्चना कराई और शिवरात्रि के दिन चौली की जाली में पहुंचकर सच्चे मन से संतान प्राप्ति की कामना करते हुए पत्थर पर बने छेद को पार किया। आज वह दो संतानों का सुख भोग रही हैं। उन्होंने कहा कि भोले बाबा की कृपा ने जिंदगी में एक नहीं दो-दो संतानों का सुख दिया।
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shivratri
ऐसी ही आस-पास के तमाम महिलाएं हैं जो आज भी चौली की जाली की इस महिमा का वर्णन करना नहीं भूलती। स्थानीय बुजुर्ग गणेश बोरा ने बताया की अतीत की कहानियों पर जाएं तो एक कहानी के मुताबिक जब सैम देवता अपने गणों के साथ हिमालय जा रहे थे, मार्ग मे चौली की जाली की चट्टानें आ गई।