प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ भ्रमण ने इस शख्स को भी बेहद खास बना दिया। हर तरफ उनकी चर्चा होती रही। हो भी क्यों न इसकी वजह ही खास है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के हवलदार देवेंद्र सिंह बिष्ट के लिए सबसे खास रहा। उन्हें लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री को एटीवी (ऑल टेर्रिन व्हीकल) की सवारी कराने का मौका मिला। इस दौरान प्रधानमंत्री ने बिष्ट के घर-परिवार के बारे में भी पूछा।
प्रधानमंत्री ने पूर्वाह्न 11:36 से 11:42 तक एटीवी से मंदाकिनी नदी के किनारे बनी सुरक्षा दीवार और उसके ऊपर बन रहे आस्था पथ का निरीक्षण किया, साथ ही वे वाहन से सेफ हाउस तक गए। इससे पूर्व बीते वर्ष 3 मई और 20 अक्तूबर को भी पीएम मोदी के लिए देवेंद्र सिंह बिष्ट ने एटीवी चालक की भूमिका निभाई थी।
वहीं नरेंद्र मोदी तीन बार केदारनाथ धाम पहुंचने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं। इससे पूर्व 1980-81 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी दो बार बाबा केदार के दर्शनों को आई थीं। प्रधानमंत्री मोदी का युवा जीवन से ही केदारनाथ से विशेष नाता रहा है।
पिछले वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर और फिर कपाट बंद होने से एक दिन पहले 20 अक्तूबर को यहां आए और 700 करोड़ की लागत से बनने वाली पांच बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इस बार वे पुनर्निर्माण कार्यों के निरीक्षण को पहुंचे।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीर्थ पुरोहित हरीश तिवारी की मौजूदगी में बाबा केदार की पूजा-अर्चना की। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पुजारी ओमकार शुक्ला, यशोधर मैठाणी और स्वयंबर सेमवाल ने उन्हें संकल्प कराया। इसके उन्होंने बाद रुद्राभिषेक पाठ कर भगवान शिव की स्तुति की। उन्होंने बाबा केदार के स्वयंभू लिंग पर स्वयं चंदन, शहद और घी का लेपन किया और देश की सुख-समृद्धि के लिए कामना की।