अनवरत बारिश के बाद हुए हिमपात से राज्यभर में शीतलहर का प्रकोप है। शुक्रवार को अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के चलते पिछले पांच दिन से थल-मुनस्यारी सड़क बंद है। चार दिन से बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं खराब मौसम के कारण शुक्रवार को नैनीसैनी से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई। उड़ानों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को निराशा का सामना करना पड़ा। कपकोट में सड़के बंद होने के कारण चार दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं।
उत्तराखंड: बर्फ, धूप, ओलावृष्टि, पल-पल बदला मौसम, 10 तस्वीरों में जन्नत सा नजारा
तेज बारिश और ओलावृष्टि से दून में पारा एक बार फिर गिर गया है। शुक्रवार शाम करीब एक घंटे तक हुई बारिश के बाद ज्यादातर इलाकों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश का अनुमान जताया है। शुक्रवार सुबह से ही राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहे। दोपहर बाद काले बादल छाने और हल्की हवा भी चलने लगी। शाम करीब चार बजे एकाएक तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ देर तेज बारिश के बाद ओले भी गिरने लगे। करीब चार से पांच मिनट तक लगातार ओलावृष्टि हुई। मोथरोवाला, बंजारावाला, कारगी क्षेत्र में बड़े-बडे ओले गिरे। बारिश और ओलावृष्टि के चलते सड़कों पर एकाएक यातायात कम हो गया। विशेषकर दोपहिया वाहन चालक जहां-तहां खड़े होकर खुद को भीगने से बचाने का प्रयास करते दिखे। करीब डेढ़ घंटे तक ज्यादातर स्थानों पर अच्छी बारिश हुई।
मसूरी पल-पल बदलते मौसम के लिए भी जानी जाती है लेकिन शुक्रवार को तो मौसम ने कई रूप धारण किये। कभी बर्फ़बारी तो कुछ पलभर में खिली चटक धूप फिर ओलावृष्टि ने पर्यटकों को हर तरह का नजारा दिखाया। पर्यटकों ने भी यहां के मौसम का जमकर लुत्फ़ उठाया और हर पल को यादगार बनाने के लिए अपने कैमरों में कैदकर लिया। बीते सोमवार मसूरी व धनोल्टी में हुए भारी हिमपात के बाद शुक्रवार को सीजन का दूसरा भारी हिमपात हुआ। बारह बजे मौसम एकाएक साफ हो गया और चटक धूप खिलने लगी। इसके बाद एक बार फिर नगर के मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब दो बजे भारी ओलावृष्टि शुरू होने लगी जो शाम तक जारी रही। सवा पांच बजे एक बार फिर नगर में बर्फ़बारी शुरू हुई। कैम्पटी हाईवे पर पाला और बर्फबारी के कारण वाइल्ड फ्लावर स्थित पालाग्रस्त क्षेत्र में एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। वाहन में मात्र चालक सवार था जो सुरक्षित है।
पौड़ी जनपद में शुक्रवार को तीसरी बार बर्फबारी हुई। बर्फबारी से जहां सैलानी अटखेलियां करते नजर आए, वहीं इससे आम जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश व बर्फबारी से 14 मोटर मार्गों पर आवाजाही ठप हो गई है। शुक्रवार को जनपद में सुबह से ही बारिश शुरू हो गई थी। जनपद के मांडाखाल, अद्वाणी, झंडीधार, फेडखाल, थलीसैंण, भरसार, जल्लू, चोरीखाल व दीवा सहित अन्य पहाड़ियां बर्फ से लकदक हो गईं। बारिश व बर्फबारी से देघाट-मरचुला मोटर मार्ग, भिक्यासैंण-देषाट-बछुवाबाण-मैहलचौरी, मरचुला-सराईखेत-बैंजरों-पोखड़ा-सतपुली मोटर मार्ग, मैठाणाघाट-ग्वीन रसिया महादेव मोटर मार्ग, थलीसैंण-फरस्यूडी-धांधणखेत मोटर मार्ग, थलीसैंण- चौरीखाल-चिपलघाट, दमदेवल-कलगड़ी-खिर्सू-पोखरी-खेड़ाखाल व मटेला-तल्ला-रणगेरा-बदाडू आदि मोटर मार्गों पर आवाजाही ठप है। बंद मोटर मार्गों को खोलने के लिए डोजरों की मदद ली गई। मांडाखाल-खिर्सू मोटर मार्ग पर जमी बर्फ को हटाकर सुबह ही यातायात सुचारू कर दिया गया, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक बारिश और बर्फबारी से सायं तक मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही।
गैरसैंण के दीवालीखाल में हुई भारी बर्फबारी से नैनीताल हाइवे बंद हो गया है। पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गैरसैंण और आदिबदरी में वाहनों को एक जगह रोक दिया है। तहसीलदार दर्शन लाल मैठाणी ने बताया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए अभी हाइवे पर यातायात बहाल नहीं हो सकता है। जंगलचट्टी और दीवालीखाल में बर्फ हटाने के लिए दो जेसीबी तैनात की हैं। वहीं देवाल में बृहस्पतिवार रात से लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से लोहाजंग-वाण तथा घेस-हिमनी मोटर मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। पर्यटन स्थल भींकलताल और ब्रह्मताल रूट पर दो से तीन फिट तक हुई बर्फबारी से कलकत्ता और बंगलूरू से आए 32 सदस्यीय पर्यटकों का दल लोहाजंग में रुका हुआ है। घेस, हिमनी, बलाड़, लोहाजंग, मुंदोली, वांक, वाण, सौरीगाड़, रामपुर, दीदना, तोरती आदि गांवों में भी भारी बर्फबारी हो रही है।