विधि की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) एक बार फिर विवादों में है। 2015 में 40 से ज्यादा गलतियों वाली इस परीक्षा में इस साल एक्सपर्ट्स अभी तक 16 गलतियां प्रमाण सहित पकड़ चुके हैं। जबकि, परीक्षा आयोजक चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (सीएनएलयू) पटना ने केवल दो सवाल गलत मान रही है। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों को दाखिले की दौड़ से बाहर होने की चिंता सता रही है।
14 मई को देशभर में सीएनएलयू पटना ने क्लैट का आयोजन कराया था। परीक्षा की आंसर की 16 मई को जारी कर दी गई। जिसमें सीएनएलयू ने खुद माना कि दो सवाल गलत पूछे गए थे। उनके जो उत्तर थे, उनमें से कोई भी विकल्प सही नहीं था। लिहाजा रिजल्ट में इन दो सवालों के बोनस अंक दिए जाएंगे या फिर इन्हें मूल्यांकन से बाहर कर दिया जाएगा।
आंसर की आने के बाद देशभर में क्लैट पेपर की गड़बड़ियां सामने आनी शुरू हो र्गइं। करियर लांचर के निदेशक अमित मित्तल के मुताबिक, बीते पांच वर्षों में इस साल दूसरी सबसे ज्यादा गलतियों वाली परीक्षा हुई है। वर्ष 2015 में उन्होंने करीब 40 गलतियां पकड़ी थीं, लेकिन उन्हें परीक्षा आयोजक विवि ने मानने से इनकार कर दिया था। इस बार सीएनएलयू ने दो गलतियां मानी हैं।
जबकि, पेपर में करीब 16 गलतियां सामने आ चुकी हैं। मित्तल ने इनको पूरे प्रमाण के साथ सीएनएलयू को उपलब्ध करा दी हैं। उधर, गलतियों की वजह से क्लैट देने वाले अभ्यर्थी परेशान हैं। उन्हें डर है कि इन गलतियों की वजह से कहीं वे दाखिले की दौड़ से बाहर न हो जाएं। एक अभ्यर्थी का कहना है कि उसने एक साल की गंभीर तैयारी के बाद क्लैट दिया है।
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परीक्षा देकर केंद्र से बाहर आते अभ्यर्थी।
- फोटो : Amar Ujala
अब गलतियों से उन्हें डर है कि कहीं बाहर न हो जाएं। कई अभ्यर्थियों ने तमाम गलतियों को लेकर सीएनएलयू की आंसर की को चैलेंज भी किया है। अब 29 मई को क्लैट का रिजल्ट आएगा। इसके बाद ही पता चलेगा कि कितनी गलतियों को सीएनएलयू पटना ने स्वीकार कर रिजल्ट जारी किया है।