इस साल शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 26सितंबर सोमवार से हो रहा है। इस साल मां दुर्गा हाथी की सवारी पर पृथ्वी लोक में पधारेंगी। जिस दिन से नवरात्रि शुरू होते हैं उसी दिन के अनुसार माता अपने वाहन पर सवार होकर आती हैं।
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नारायण ज्योतिष संस्थान के आचार्य विकास जोशी के मुताबिक आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को नवरात्रि का व्रत होगा। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ होता है।
कलश स्थापना के साथ पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। बता दें कि साल में चार बार नवरात्रि होते हैं। एक चैत्र और दूसरी शारदीय नवरात्रि। दो गुप्त नवरात्रि भी होते हैं।
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नवरात्रि पूजा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
नवरात्रि में नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, हवन, यज्ञ, जगराते, गरबा का आयोजन किया जाता है। इस साल नवरात्रि 26सितंबर को सुबह तीन बजकर 24 मिनट से शुरू होगी। घट स्थापना का मुहूर्त 26 सितंबर को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सुबह 10 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
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नवरात्रि के लिए सजे बाजार
भारतीय प्राच्य विद्या सोसाइटी ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक नवरात्रि में मां दुर्गा की सवारी को लेकर तिथि के हिसाब से अलग-अलग सवारी तय है। देवी भागवत के अनुसार शशि सूर्य गजारूढ़ा, शनि भौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां, बुधे नौका प्रकीर्तिता।
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नवरात्रि पूजा
- फोटो : अमर उजाला
मतलब यदि नवरात्रि रविवार, सोमवार से आरंभ हो तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। शनि, मंगल को घोड़े पर, गुरु एवं शुक्र को डोली में तथा बुध को नाव में सवार होकर आती हैं। हाथी को शुभ का प्रतीक माना गया है।
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नवरात्रि के लिए खरीदारी करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, नवरात्रि के दिनों में किसी भी प्रकार की तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। प्याज, लहसुन, अंडे और मांस-मदिरा आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए। नाखून, बाल आदि नहीं काटने चाहिए। साथ ही चमड़े की चप्पल, जूता, बेल्ट, पर्स, जैकेट आदि नहीं पहनना चाहिए।