यदि कोई बच्चों से सिगरेट, गुटखा, खैनी मंगाता है तो वह अपराध कर रहा है। शिकायत होने पर उसे जेल जाने के साथ जुर्माना भी भरना पड़ेगा। माता-पिता भी अगर बच्चे को नशीली वस्तु खरीदने भेजेंगे तो वे भी दंड के भागीदार होंगे।
केंद्र सरकार का फरमान, बच्चों से सिगरेट-गुटखा मंगाना अपराध, होगी जेल
बच्चों को मानसिक रूप से प्रभावित करने वाली पारिवारिक कलह को भी दंड के दायरे में लाया गया है। केंद्रीय बाल विकास एवं महिला सशक्तीकरण मंत्रालय का आदेश मिलने के बाद प्रदेश शासन ने बुधवार को इस संबंध में सभी डीएम, एसएसपी, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय, धार्मिक संस्थाओं को आदेश जारी कर दिया है।
केंद्र सरकार का फरमान, बच्चों से सिगरेट-गुटखा मंगाना अपराध, होगी जेल
बच्चों के उत्पीड़न, अत्याचार पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश शासन से किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण)-2015 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा है। घर का कोई सदस्य बच्चों को नशीली वस्तुएं खरीदने के लिए नहीं भेज सकता। इससे उन्हें भी नशे की लत लग सकती है।
केंद्र सरकार का फरमान, बच्चों से सिगरेट-गुटखा मंगाना अपराध, होगी जेल
केंद्र सरकार भी इस समय नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। अधिनियम में बच्चों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए पारिवारिक कलह को भी दंड के दायरे में ला दिया है। पारिवारिक कलह से बच्चे अवसाद की स्थिति में जाते हैं जो उन्हें मानसिक रूप से विघटित कर देता है।
केंद्र सरकार का फरमान, बच्चों से सिगरेट-गुटखा मंगाना अपराध, होगी जेल
शासनादेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि स्कूलों में बच्चों को डंडे से मारना, चिकोटी काटना और मानसिक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है। अधिनियम में इसके लिए जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।