अपने पोते क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह को उनके जन्मदिन पर आशीर्वाद देने के लिए दादा संतोख सिंह अहमदाबाद गए थे। वहां जाने के लिए लिए भी उन्होंने पैसे उधार मांगे थे।
आवास विकास कॉलोनी में किराये के एक छोटे से मकान में रहकर ऑटो चलाकर जीवनयापन करने वाले संतोख सिंह पिछले काफी समय से अपने पौत्र और भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह से मिलना चाह रहे थे। रुद्रपुर-किच्छा ऑटो स्टैंड पर उनके मित्रों ने बताया कि 29 नवंबर को वह अपने पौत्र जसप्रीत से मिलने अहमदाबाद रवाना हो गए थे और एक दिसंबर को वहां पहुंचे थे।
मुफलिसी में जिंदगी गुजार रहे संतोख सिंह के पास अहमदाबाद जाने का किराया भी नहीं था। परिचितों ने उन्हें अहमदाबाद जाने के लिए चार हजार रुपये जुटाकर दिये थे। रविवार को उनकी पुत्री राजिंदर कौर ने फोन पर अपने पिता की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पिता अपने पौत्र जसप्रीत से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन वहां उनको किसी ने भी तवज्जो नहीं दी।
इसके बाद वह लापता हो गए और शुक्रवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट गुजरात के वस्तरपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। बेटी राजिंदर का आरोप है कि जसप्रीत बुमराह की मां के रवैये से व्यथित होकर उन्होंने साबरमती में कूदकर आत्महत्या कर ली। रविवार को जिस वक्त संतोख का शव मिला, उस वक्त जसप्रीत बुमराह टीम इंडिया की ओर से धर्मशाला में मैच खेल रहे थे।
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जसप्रीत बुमराह
- फोटो : ESPN
बुमराह की बुआ राजविंदर कौर ने आठ दिसंबर को संतोख सिंह के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से उनकी तलाश की जा रही थी। अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस ने रविवार दोपहर उनका शव बरामद किया। पुलिस के अनुसार, साबरमती नदी के गांधी ब्रिज और दधीचि ब्रिज के बीच में बुजुर्ग संतोख सिंह का शव मिला।