उत्तराखंड में मानसून पूरे शबाब में है। सड़कें नदी बन गई हैं। तस्वीरों से आप खतरे का अंदाजा खुद लगा सकते हैं। ये तस्वीर है टिहरी गढ़वाल जनपद के घनसाल की।
चमियाला-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग पर गेरगढ़ गदेरा स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया। बारिश से इन दिनों गेरगढ़ गदेरा उफान पर है। जलस्तर बढ़े होने के कारण कई बार वाहन बीच में ही फंस रहे हैं।
चमियाला-बूढ़ाकेदार मोटर मार्ग पर गेरगढ़ गदेरे पर बनी पुलिया वर्ष 2015 में बह गई थी। तब से लोगों को बारिश में जान जोखिम में डालकर गदेरा आरपार करना पड़ रहा है। गदेरे में पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थानीय लोग वहां पर पुल निर्माण करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था एडीबी पुल निर्माण के बजाय छह मीटर पुलिया निर्माण करने पर तुली है।
इन दिनों गेरगढ़ गदेरा उफान पर है। पानी का बहाव तेज होने के कारण वहां से आरपार जा रहे वाहन बीच में ही फंस रहे हैं। गदेरे में कभी भी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गदेरे में पाइप डालने का काम किया जाना था, लेकिन गदेरे का बहाव तेज होने के कारण इन दिनों काम नहीं हो पा रहा है। जरूरत के हिसाब से वहां पर 20 मीटर पुल निर्माण होना चाहिए।