चार दिन के विधानसभा सत्र में बतौर विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण पर सबकी निगाहें थीं। उनके लिए यह एक नया अनुभव जरूर है लेकिन उन्होंने अपने अलग अंदाज से छाप छोड़ी है। उनका कहना है कि वह प्रोफेसर रही हैं, इसलिए सदन में भी अनुशासन को ही प्राथमिकता देना पसंद करती रहेंगी।
रितु का कड़क अंदाज: सदन में बोलीं, प्रोफेसर रही हूं, अनुशासन प्राथमिकता', सुर्खियों में प्रदेश की पहली महिला स्पीकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 18 Jun 2022 06:28 PM IST
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