ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जयकंडी गदेरे के पास बोल्डर और मलबा आने से एक कार मलबे में दब गई, जबकि कार में सवार दोनों लोग खतरे को देखते हुए पहले ही कार से उतर गए थे। हाईवे पर मलबा और बोल्डर आने से जाम लग गया, जिससे बदरीनाथ व हेमकुंड जाने वाले करीब 90 वाहन जाम में फंस गए।
दोपहर करीब तीन बजे मौके से मलबा और कार को हटाकर यातायात बहाल किया गया। हाईवे खुलने पर यात्रियों और लोगों ने राहत की सांस ली। लंगासू के चौकी प्रभारी एसआई नवीन नेगी ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे एक कार कर्णप्रयाग से गोपेश्वर (हल्दापानी) जा रही थी। तभी जयकंडी गदेरा पार करते ही कार के ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे।
खतरे को भांपते ही कार चालक देवेंद्र कुमार (46 हल्दापानी) व हेमंत (30 ढुंगल्वाली) कार से तुरंत बाहर उतरकर सुरक्षित स्थान पर आ गए। इसी दौरान हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिर गए और कार मलबे में दब गई। हाईवे पर काम बंद रहने के कारण मलबा हटाने के लिए काफी देर तक मशीन नहीं मिलीं।
इससे दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई और बदरीनाथ और हेमकुंड जाने वाले वाहन जाम में फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व एनएच के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कार चालक ने कार्यदायी संस्था के सामने मुआवजे की मांग रख दी।
एनएचआईडीसीएल के अभियंता शशिकांत मणि ने बताया कि कार चालक और ठेकेदार के बीच समझौता होने व जेसीबी से मलबा हटाने के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भगवती चमोली व सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश खंडूड़ी ने कहा कि हाईवे चौड़ीकरण के दौरान पहाड़ियों को खराब ढंग से खोदकर खोखला किया गया है।