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देखिए, बालदिवस पर देवभूमि में 'बचपन' की हकीकत

Fri, 14 Nov 2014 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 14 Nov 2014 12:02 AM IST
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देख‌िए, बालद‌िवस पर देवभूम‌ि में 'बचपन' की हकीकत

reality of child condition in uttarakhand on baldiwas.

बाल दिवस पर साल में एक दिन गरीब और बेसहारा बच्चों के प्रति प्यार जताकर रस्म अदायगी की जाएगी। पर इनकी सुध लेने फ‌िर कोई नहीं आता।


देख‌िए, बालद‌िवस पर देवभूम‌ि में 'बचपन' की हकीकत

reality of child condition in uttarakhand on baldiwas.

योग और आध्यात्म की भूम‌ि उत्तराखंड भी बालश्रम से अछूती नहीं है। यहां आज भी हजारों बच्चे बाल श्रम करने को मजबूर हैं। यह तस्वीर ऋष‌िकेश की है।

देख‌िए, बालद‌िवस पर देवभूम‌ि में 'बचपन' की हकीकत

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दो जून की रोटी के लिए रात और दिन कोल्हू के बैल की तरह काम करना पड़ता है।

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देख‌िए, बालद‌िवस पर देवभूम‌ि में 'बचपन' की हकीकत

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हैरानी की बात यह है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी जिम्मेदार श्रम विभाग को नगर में बाल श्रमिक नजर नहीं आते जबकि नगर की अधिकतर दुकानों में ये बच्चे मजदूरी करते देखे जा सकते हैं।

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देख‌िए, बालद‌िवस पर देवभूम‌ि में 'बचपन' की हकीकत

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इस छोटी सी उम्र में पेट पालने के ल‌िए कूड़े का र‌िक्शा खींचना रोज की बात है।

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