फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

रामपुर तिराहा कांड: देखिए क्या हुआ था 24 साल पहले, जब चारों तरफ बिछ गई थीं आंदोलनकारियों की लाशें

Tue, 02 Oct 2018 12:05 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 02 Oct 2018 12:05 PM IST
विज्ञापन
Rampur tiraha Firing incident after 24 years flashback Photos 
रामपुर तिराहा गोलीकांड

24 साल पहले की वो काली रात आज तक कोई नहीं भुला पाया। चारों तरफ आंदोलनकारियों की लाशें और बस चीख पुकार। फायरिंग में सात उत्तराखंडियों की मौत होने के साथ ही 17 जख्मी हो गए थे। 400 आंदोलनकारियों को पकड़कर सिविल लाइंस थाने ले जाया गया था। सुबह हुई तो महिलाओं की अस्मत लूटे जाने की बात सामने आई।


 

Rampur tiraha Firing incident after 24 years flashback Photos 
rampur tiraha kand - फोटो : file photo

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी 36 बसों में सवार होकर दिल्ली में दो अक्तूबर को प्रस्तावित रैली में भाग लेने जा रहे थे। गुरुकुल नारसन में आंदोलनकारियों के बैरियर तोड़कर आगे बढ़ जाने के बाद यूपी पुलिस ने रामपुर तिराहे पर उन्हें रोकने की योजना बनाई थी। 

Rampur tiraha Firing incident after 24 years flashback Photos 
रामपुर तिराहा गोलीकांड

पूरे इलाके को सील कर आंदोलनकारियों की बसों को रोक लिया था। आंदोलनकारियों ने सड़कों पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी थी। आंदोलनकारी दिल्ली जाने की जिद पर अड़े थे। रात में बारह बजे के करीब पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इसी बीच फायरिंग भी शुरू हो गई। करीब दो बजे तक पुलिस का दमन चक्र चलता रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Rampur tiraha Firing incident after 24 years flashback Photos 
रामपुर तिराहा गोलीकांड

आंदोलन के दौरान केंद्रीय तथ्य अन्वेषण कमेटी के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने बताया कि दो अक्तूबर की रैली में शामिल होने के लिए हम दिल्ली के रास्ते में थे। तब ही पता चला कि मुजफ्फरनगर में बर्बर कांड हो गया है। हर उत्तराखंडी की तरह ये खबर मेरे लिए भी विचलित करने वाली थी। उसके बाद का आक्रोश हम सबने देखा। 

विज्ञापन
Rampur tiraha Firing incident after 24 years flashback Photos 
रामपुर तिराहा गोलीकांड

राज्य आंदोलन से जुडे़ प्रमुख आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती का कहना है कि रामपुर तिराहा में बर्बर हत्याकांड और मातृ शक्ति के अपमान ने जैसे उत्तराखंड में आग लगा दी थी। मुझे अच्छे से याद है कि इसकी प्रतिक्रिया। सभी लोग पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर जमा हो गए थे। एक हुजूम उमड़ पड़ा था। सभी को अपनों की चिंता थी। सब जानना चाहते थे कि उनका बेटा, बेटी, मां-पिता, भाई-बहन सुरक्षित है या नहीं। पुलिस प्रशासन के पास कोई जवाब नहीं था। हर तरफ बेचैनी थी। हर कोई विचलित था। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed