इस साल रक्षा बंधन का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हैं। लेकिन इस बार यह त्योहार भाई-बहनों के लिए और भी खास होने जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी के अनुसार, रक्षाबंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार गुरुवार के दिन पड़ रहा है। यह दिन देव गुरु बृहस्पति का दिन माना जाता है। रक्षाबंधन को लेकर मान्यता है कि देवगुरू बृहस्पति ने देवराज इंद्र की विजय प्राप्ति के लिए इंद्र की पत्नी को रक्षासूत्र बांधने को कहा था।
इसके बाद से ही रक्षा बंधन का त्योहार मनाने की प्रथा शुरु हुई। इस कारण गुरुवार के दिन यह पर्व होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। इस दिन भाई बहन सुबह सबसे पहले भगवान विष्णु का पूजन करें और बाद में राखी बांधे तो और भी शुभ होगा।
वहीं, इस बार राखी पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। इसलिए बहनें भाइयों की कलाई पर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त के बीच रक्षाबंधन का अनुष्ठान कर सकती हैं। अनुष्ठान का समय प्रात: 05:53 से सांय 17:58 बजे तक रहेगा। अपराह्न मुहूर्त 13:43 बजे से 16:20 बजे तक है।
रक्षाबंधन के दिन रेशमी वस्त्र में केशर, सरसों, चंदन चावल एवं दुर्वा रखकर रंगीन सूत का पूजन करने के बाद भाई के दाहिने हाथ में बांधना चाहिए। इससे वर्ष भर सुख समृद्धि रहती हैं। रक्षाबंधन के पर्व के संबंध में कई कथाएं प्रचलित हैं। बताया जाता है कि श्रावण पूर्णिमा के दिन राजा बलि को लक्ष्मी जी ने राखी बांधी थी।